मकर संक्रांति पर महक उठी हरियाणवी लोक संस्कृति

मकर संक्रांति पर महक उठी हरियाणवी लोक संस्कृति

दिलेर हरियाणा ने मनाई मकर संक्रांति

हिसार  रवि पथ :

हरियाणा प्रदेश ही अपितु देश भर में हरियाणवीं संस्कृति को पहचान दिलाने की मुहिम में दिलेर हरियाणा संस्था ने मान-मनुहार व दान के त्यौहार मकर संक्रांति के अवसर पर लघु सचिवालय कॉलोनी हिसार के पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मकर संक्रांति पर घर-आंगन की चारदीवारी के अन्दर निभाई जाने वाली मान मनोवल की रस्म रिवाज की परंपरा का सजीव मंचन किया। जिसमें दिलेर हरियाणा संस्था से जुड़ी महिलाओं ने अपने बुजुर्गों चाचा – चाची, ताऊ – ताई, सास – ससुर, जेठ – जेठानी के मान-सम्मान करने की हरियाणवी परम्पराओं को ठेठ देशी अंदाज में दिखाया। इस दौरान महिला प्रतिभागियों ने हरियाणवी वेशभूषा पहन विभिन्न अवसरों पर गाए जाने वाले लोक गीत गाकर और नृत्य प्रस्तुत कर हरियाणवी लोक संस्कृति को मंच प्रदान किया ।
दिलेर हरियाणा संस्था के सक्रांति उत्सव में हरियाणवी परम्परागत अंदाज में कुणबे की महिलाएं अपने बुर्जुगों के चरण स्पर्श कर भूलवश, जाने अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगने की परम्परा का सजीव प्रदर्शन किया गया। इस दौरान दान दक्षिणा की पारंपरिक रीति-रिवाजों को जीवंत करने के साथ व्यवहारिक रूप देते हुए बुजुर्ग महिलाओं को शाल और पुरुषों को कंबल ओढ़ाकर सम्मानित कर समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत किया। इस कड़ी में 100 वर्षीय शांति देवी, बिरमा, नौरंगी, रोशनी, धनपति, सरस्वती, राजौ, शकुंतला, कांता, किताबो, बाला, मामो, शीला आदि 70 मातृशक्ति को शाल ओढ़ाकर मनावन की परंपरा को निभाया। लघु सचिवालय पार्क समिति के अध्यक्ष 77 वर्षीय श्री बजरंग लाल श्योराण को विशिष्ट कार्य के लिए हरियाणवी पगडी़ (खंडका) बांधकर एवं पार्क के माली को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सभी दर्शकों व कलाकारों को मूंगफली, रेवड़ी बांटी गई।
आकर्षण का केंद्र :-
दिलेर हरियाणा संस्था की अध्यक्ष कमलेश श्योराण ने बताया कि मकर संक्रांति त्यौहार का हमारी लोक संस्कृति और संस्कारों को जीवंत करने के लिए बहुत योगदान है। दिलेर हरियाणा टीम ने बुजुर्ग महिलाओं को शाल और पुरुषों को पगड़ी, कंबल ओढ़ाकर सम्मानित किया ताकि युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सके। इस दौरान दर्शकों ने हरियाणवीं संस्कृति के प्रत्येक पहलू को नजदीक से देखा व समझा। दिलेर हरियाणा संस्था से जुड़े कलाकारों के परंपरागत पो‌शाक लहंगे चुन्नी, दामण, धोती कुर्ता पहन प्रस्तुत लोकगीत व नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र बने। इस दौरान खास बात यह रही कि दर्शकों ने हरियाणवी लोकगीत व नृत्य के साथ-साथ हरियाणा की लोक सांस्कृतिक परंपराओं के साथ-साथ पुरानी जीवन शैली की खुशबू को भी महसूस किया। इस अवसर पर 200 महिलाएं मौजूद रहीं । कार्यक्रम में सरोज, इंदु, गुड्डी , कमलेश, इंदिरा, कविता, सुनीता, यशवंती, कमला, कविता, निर्मला, ज्योति, अदिति, मीना, कमला सुदेश आदि महिलाओं ने मंचन व प्रबंधन का काम किया।