एचएयू कर्मी ज्योति ने पैरालिंपिक खेलों में जीते मेडल कुलपति प्रोफेसर बी.आर.काम्बोज ने इस उपलब्धि पर दी बधाई, लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए किया प्रेरित

एचएयू कर्मी ज्योति ने पैरालिंपिक खेलों में जीते मेडल
कुलपति प्रोफेसर बी.आर.काम्बोज ने इस उपलब्धि पर दी बधाई, लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के लिए किया प्रेरित

हिसार : 3 जनवरी  रवि पथ :

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में लिपिक के पद पर कार्यरत ज्योति ने गत दिनों भुवनेश्वर(उड़ीसा)में आयोजित की गई चौथी राष्ट्रीय पैरा बेडमिंटन चैंपियनशिप में मेडल हासिल किए हैं। ज्योति ने वूमन डब्लस पैरा बेडमिंटन में सिल्वर मेडल जबकि सिंगल पैरा बेडमिंटन प्रतियोगिता में ब्रांज हासिल किया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बी.आर. काम्बोज ने इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की और भविष्य में ओर मेहनत कर बेहतरीन प्रर्दशन करने के लिए पे्ररित किया।
ये रही उपलब्धियां
विश्वविद्यालय के छात्र निदेशालय कार्यालय में कार्यरत ज्योति ने इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में विभिन्न खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए हैं। छात्र कल्याण निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह दहिया ने बताया कि ज्योति ने बैंगलोर में वर्ष 2011 में आयोजित सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में वूमन सिंगल में सिल्वर मेडल, प्रथम नेशनल पैराबेडमिंटन प्रतियोगिता में 2017 में भी सिल्वर मेडल हासिल किया। उत्तर प्रदेश में आयोजित की गई द्वितीय सीनियर राष्ट्रीय पैरा बेडमिंटन प्रतियोगिता में वर्ष 2018 में वूमन सिंगल व वूमन डबल्स में गोल्ड मेडल जबकि मिक्स डबल्स में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके अलावा वर्ष 2017 में जापान में आयोजित जापान पैरा बेडमिंटन इंटरनेशनल की वूमन सिंगल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। बेडमिंटन वल्र्ड फेडरेशन पैरा बेडमिंटन वल्र्ड चैंपिययनशिप 2017 में कोरिया व 2019 में स्विटजरलैंड में हिस्सा लिया। साल 2021 में दुबई में आयोजित फाजा दुबई पैरा बेडमिंटन इंटरनेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
बचपन से ही खेलों के प्रति थी रूचि, एशियन गेम हैं लक्ष्य
ज्योति ने बताया कि उसकी बचपन से ही खेलों में रूचि थी। इससे पहले स्कूल व कॉलेज के दौरान उसने राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर की अनेक प्रतियोगिता जिसमें 1500 मीटर दौड़, चार सौ मीटर दौड़, दो सौ मीटर दौड़, रिले रेस, लंबी कूद, डिस्कस थ्रो, ज्वलिन थ्रो आदि में भी गोल्ड व सिल्वर मेडल हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि उसका अब लक्ष्य एशियन खेलों में बेहतर प्रदर्शन करना है जिसकी तैयारियों में वह अभी से जुटी हुई है। ये एशियन गेम गवांगजू चीन में आयोजित किए जाने की संभावना है। खेदड़ गांव में रहने वाली ज्योति के पति सोनू कुमार किसान हैं और खेलों के प्रति उसकी रूचि को देखते हुए उसकी हरसंभव मदद के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा, एसवीसी कपिल अरोड़ा, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान दिनेश राड़ सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।