राष्ट्रमंडल खेलों की सूची से कुश्ती, शूटिंग व तीरंदाजी को बाहर किया जाना बेहद निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है: अभय सिंह चौटाला

राष्ट्रमंडल खेलों की सूची से कुश्ती, शूटिंग व तीरंदाजी को बाहर किया जाना बेहद निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है: अभय सिंह चौटाला

यह पूर्ण रूप से भाजपा की केंद्र सरकार की विफलता है, जहां एक तरफ खेलों इंडिया का नारा दिया जाता है वहीं दूसरी तरफ मुख्य खेल जिसमें भारत सबसे ज्यादा मैडल जीतता है उन्हीं खेलों को कॉमनवेल्थ खेलों से हटा दिया जाता है

इनेलो पार्टी राष्ट्रमंडल खेल महासंघ द्वारा तीनों खेलों को सूची से बाहर करने के इस निर्णय का कड़ा विरोध करती है

चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल नीति बनाई थी जिसके बाद कुश्ती, बॉक्सिंग और अन्य खेलों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाडिय़ों ने पदकों की झड़ी लगा दी थी

पूरे विश्व में हरियाणा के पहलवानों और शूटरों का ढंका बजता है, कुश्ती हरियाणा की शान है और सभी के दिलों में बसी हुई है

केंद्र सरकार को भी इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और तीनों खेलों को सूची में दोबारा जोड़ने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करे

चंडीगढ़, 15 अप्रैल  रवि पथ :

इनेलो प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने 2026 में आस्ट्रेलिया में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की सूची से कुश्ती, शूटिंग व तीरंदाजी को बाहर किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रमंडल खेल महासंघ का यह फैसला बेहद निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पूर्ण रूप से भाजपा की केंद्र सरकार की विफलता है, जहां एक तरफ खेलों इंडिया का नारा दिया जाता है वहीं दूसरी तरफ मुख्य खेल जिनमें भारत सबसे ज्यादा मैडल जीतता है उन्हीं खेलों को कॉमनवेल्थ खेलों से हटा दिया जाता है।
अभय सिंह चौटाला ने राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह फैसला जी जान से तैयारी कर रहे खिलाडिय़ों के लिए बहुत बड़ा झटका है और अब उनका मनोबल पूरी तरह से टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपने देश का प्रतिनिधित्व विश्व पटल पर करे और देश के लिए पदक हासिल करे।
चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल नीति बनाई थी जिसके बाद कुश्ती, बॉक्सिंग और अन्य खेलों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाडिय़ों ने पदकों की झड़ी लगा दी थी। पूरे विश्व में हरियाणा के पहलवानों और शूटरों का ढंका बजता है। कॉमनवेल्थ खेलों में भी कुश्ती और निशानेबाजी में प्रदेश एवं देश के खिलाडिय़ों ने भारत देश का नाम रोशन किया है। कुश्ती हरियाणा की शान है और सभी के दिलों में बसी हुई है।
उन्होंने कहा कि इनेलो पार्टी राष्ट्रमंडल खेल महासंघ द्वारा तीनों खेलों को सूची से बाहर करने के इस निर्णय का कड़ा विरोध करती है और तीनों खेलों को फिर से बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के इस फैसले के खिलाफ पत्र लिख कर अपनी आपत्ति दर्ज करेंगे और मांग करेंगे कि महासंघ अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और तुरंत तीनों खेलों को बहाल करें। केंद्र सरकार को भी इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और तीनों खेलों को सूची में दोबारा जोडऩे के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास करे।