प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा निकला ढकोसला: अभय सिंह चौटाला

प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा निकला ढकोसला: अभय सिंह चौटाला

डीएपी का रेट 150 रूपए प्रति बैग बढ़ाकर किया किसानों के साथ धोखा

भाजपा सरकार लगातार गैस, तेल, बिजली, खाद्य पदार्थ, खाद, बीज और दवाइयों के दाम बढ़ा रही है

किसानों के लिए स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने और महंगाई के खिलाफ सडक़ों पर नंगे बदन प्रदर्शन करने वाले भाजपा के नेता अब बे-शुमार बढ़ रही महंगाई पर मौन साधे बैठे हैं

चंडीगढ़, 4 अप्रैल  रवि पथ :

इनेलो प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कृषि कानूनों को खत्म करने के लिए किसानों द्वारा किए गए आंदोलन का बदला लेने के लिए प्रधानमंत्री दिन-रात एक किए हुए हैं। प्रधानमंत्री ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा किया था लेकिन इसके बिल्कुल विपरीत किसानों की फसल लागत को दोगुना करने में पूरी ताकत से लगे हैं। अन्नदाता की आमदनी बढ़ाने के लिए एमएसपी बढ़ाने के बजाय फसल उगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले डीजल, खाद, बीज और दवाइयां सब महंगी कर दी गई हैं।
भाजपा सरकार द्वारा हाल ही में डीएपी का रेट 150 रूपए प्रति बैग बढ़ा दिया गया है जिससे 1200 रूपए में मिलने वाला डीएपी का एक बैग अब किसानों को 1350 रूपए में मिलेगा। इससे साबित होता है कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है और प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा सिर्फ ढकोसला था। अन्नदाता पहले ही बुरी तरह से कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है उपर से भाजपा सरकार लगातार फसलों के लिए इस्तेमाल होने वाले जरूरी डीजल और खाद के दामों में वृद्धि कर किसान की कमर तोड़ने पर तुली है।
भाजपा की जनविरोधी नीतियों के कारण जहां किसान महंगाई की मार झेल रहा है वहीं आम आदमी भी महंगाई से बुरी तरह त्रस्त है। किसानों के लिए स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने और महंगाई के खिलाफ सडक़ों पर नंगे बदन प्रदर्शन करने वाले भाजपा के नेता अब बे-शुमार बढ़ रही महंगाई पर मौन साधे बैठे हैं। लोगों के रोजमर्रा की जरूरत की चीजों जैसे गैस, तेल, बिजली, खाद्य पदार्थ, खाद, बीज और दवाइयों के दाम भाजपा सरकार लगातार बढ़ा रही है, वहीं लोगों की आमदनी घटती जा रही है जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है। अगर जल्द ही भाजपा की सरकार ने महंगाई को रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए तो हमारे देश का हाल भी पड़ोसी देश श्रीलंका जैसा होते देर नहीं लगेगी।