इनेलो 14 अप्रैल को जिला स्तर पर मनाएगी अंबेडकर जयंती और बैसाखी का त्योहार

इनेलो 14 अप्रैल को जिला स्तर पर मनाएगी अंबेडकर जयंती और बैसाखी का त्योहार

इनेलो पार्टी हर साल 14 अप्रैल को यह दिवस बाबा साहेब अंबेडकर के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाती है

बैसाखी का पर्व हरियाणा और पंजाब के अलावा उत्तर भारत में फसल की कटाई शुरू होने की सफलता के रूप में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है

चंडीगढ़, 11 अप्रैल  रवि पथ :

इनेलो 14 अप्रैल को जिला स्तर पर अंबेडकर जयंती और बैसाखी का त्योहार मनाएगी। यह जानकारी देते हुए इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी ने बताया कि सभी जिला अध्यक्षों को इस बारे सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर ने जीवन भर देश के नागरिकों के समान अधिकारों के लिए संघर्ष किया। बाबा साहेब विश्व भर में मानवाधिकार आंदोलन, भारतीय संविधान निर्माता और उनकी विद्वता के लिए जाने जाते हैं। इनेलो पार्टी हर साल 14 अप्रैल को यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाती है। बाबा साहब अंबेडकर ने हमेशा गरीब, मजदूर, किसान और कमेरों के हितों की लड़ाई लड़ी और स्वर्गीय ताऊ देवी लाल व चौधरी ओम प्रकाश चौटाला जब भी सत्ता में रहे उन्होंने हमेशा इन वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किए। बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को भारत रत्न दिलवाने में ताऊ देवी लाल का अहम योगदान था और संसद भवन में उनकी मूर्ति स्थापित करवाई थी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है और बैसाखी का दिन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 14 अप्रैल को हरियाणा और पंजाब के अलावा उत्तर भारत में फसल की कटाई शुरू होने की सफलता के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गेहूं, तिलहन और गन्ने की फसल की कटाई शुरू होती है और साथ ही इस दिन हिन्दू नववर्ष का आरम्भ भी होता है। इनेलो किसान, मजदूर और कमेरे की पार्टी है इसलिए हर साल सभी जिलों में बैसाखी का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।