कृषि अवसंरचना निधि के तहत किसानों/उद्यमियों को भंडारण, प्राइमरी प्रोसेसिंग की इकाइयों के लिए मिलेगी रियायती ऋण सुविधा

कृषि अवसंरचना निधि के तहत किसानों/उद्यमियों को भंडारण, प्राइमरी प्रोसेसिंग की इकाइयों के लिए मिलेगी रियायती ऋण सुविधा

हिसार, 03 फरवरी रवि पथ :

कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) स्कीम में भंडारण एवं कृषि प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं है। बुनियादी संरचनाओं (भंडारण एवं प्रसंस्करण) की कमी के कारण किसानों को अपने उत्पाद का उचित दाम नहीं मिल पाता है। कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) के अंतर्गत कृषि बुनियादी ढांचे में सुधार लाने हेतु वित्तीय सहायता के माध्यम से कटाई (हार्वेस्टिंग) के बाद आवश्यक बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं में निवेश के लिए प्राथमिक कृषि साख समितियों, कृषि विपणन सहकारी समितियों, कृषक उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, किसानों, उद्यमियों, संयुक्त देयता समूहों, स्टार्ट अप आदि की परियोजनाओं को माध्यम दीर्घकालिक वित्तपोषण सुविधा दी जाती है। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार की किसी भी वर्तमान योजना के तहत उपलब्ध कोई भी अनुदान और सबसिडी इस वित्तपोषण सुविधा के साथ ली जा सकती है। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ओमपाल छोक्कर ने बताया कि इस योजना की अवधि वर्ष 2020-21 से जारी होकर 2032-33 तक रहेगी जिसमें ऋण संवितरण अवधि 2020-21 से 2025-26 के बीच होगी। योजना के अंतर्गत सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, अनुसूचित सहकारी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, लघु वित्तीय बैंकों, एनबीएफसी, एनसीडीसी की ओर से राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) एवं कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि मंत्रालय भारत सरकार के साथ एमओयू करने के बाद वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिसके तहत 3 प्रतिशत ब्याज में रियायत के साथ 2 करोड़ रुपए तक के ऋण की क्रेडिट गारंटी सीजीटीएमएसई के तहत पात्र आवेदकों हेतु उपलब्ध होगा। पूंजी सब्सिडी के मामलों में ऐसी राशि को प्रमोटर के योगदान के रूप में माना जाएगा, हालांकि परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत प्रमोटर के योगदान के रूप में अनिवार्य होगा। इस योजना के तहत वेयर हाउस, सिलो, सप्लाई चैन सर्विस, एस्सेयिंग, ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, प्राइमरी प्रोसेसिंग, रिपेनिंग चेंबर्स, ओर्गनिक इनपुट प्रोडक्शन यूनिट, आदि योग्य गतिविधियां है। एडवांस प्रोसेसिंग यूनिट इस योजना में सम्मिलित नहीं हैं। इच्छुक किसान/उद्यमी रजिस्टर संबंधित विस्तृत जानकारी भारत सरकार के पोर्टल www.agriinfra.dac.gov.in पर प्राप्त कर सकते है।