आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22: एसडीजी इंडेक्स में हरियाणा अग्रणी राज्य

आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22: एसडीजी इंडेक्स में हरियाणा अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के दूरदर्शी नेतृत्व में आगे बढ़ रहा हरियाणा

चंडीगढ़ रवि पथ :

केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा मंगलवार को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 के दौरान कहा गया है कि सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी इंडेक्स) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में हरियाणा निरंतर प्रगति कर रहा है। इसी का नतीजा है कि नीति आयोग एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2020-21 में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। 2019 से स्कोर में सुधार के मामले में 10 अंकों की वृद्धि के साथ हरियाणा 2020-21 में शीर्ष स्थान पर है।

एसडीजी लक्ष्यों-2030 को प्राप्त करने के लिए हरियाणा अग्रसर
प्रत्येक राज्य के लिए एसडीजी इंडेक्स विकास प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं, जिसके तहत उन्हें वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 17 लक्ष्य दिए गए हैं। एसडीजी लक्ष्यों 2030 को प्राप्त करने के लिए निर्धारित सभी मानकों को राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारी निश्चित रूप से एसडीजी के तहत निर्धारित लक्ष्यों को हासिल कर हरियाणा को विकास के पथ पर आगे ले जाएंगे।

हरियाणा में नल से जल पहुंचा हर घर द्वार
आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2021-22 में हरियाणा ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत नल जल आपूर्ति के साथ 100 प्रतिशत घरों की प्रतिष्ठित स्थिति हासिल की है। हालांकि यह लक्ष्य 2024 तक पूरा करना था लेकिन मुख्यमंत्री मनोहर की दूरदर्शी सोच के साथ हरियाणा सरकार ने इस लक्ष्य को 2022 तक पूरा करने का निर्णय लिया। अब सरकार का अगला लक्ष्य दिसंबर 2022 तक समूचे हरियाणा में 55 लीटर प्रति व्यक्ति स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना है। हरियाणा सरकार ने जल से जुड़ी समस्याओं जैसे नए कनेक्शन, जल आपूर्ति और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों के तुरंत निपटान के लिए उमंग और सरल एप के साथ टोल फ्री नंबर 1800 180 5678 की सुविधा आमजन को उपलब्ध करवाई है।

2019 में हुई थी जल जीवन मिशन की शुरुआत

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन (जेजेएम) ने वर्ष 2024 तक ग्रामीण भारत के सभी घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पर्याप्त सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की कल्पना की है। वर्ष 2019 में ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 18.93 करोड़ परिवारों में से लगभग 3.23 करोड़ (17 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारों के घरों में नल जल कनेक्शन थे। 2 जनवरी 2022 तक, 5,51,93,885 घरों को मिशन की शुरुआत के बाद से नल जल आपूर्ति प्रदान की गई। हरियाणा सहित 6 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने नल जल आपूर्ति के साथ 100 प्रतिशत घरों की प्रतिष्ठित स्थिति हासिल की है।