भाजपा सरकार रच रही है आरक्षण प्रणाली को निष्क्रिय करने की साजिश-एडवोकेट खोवाल

January 24, 2021

भाजपा सरकार रच रही है आरक्षण प्रणाली को निष्क्रिय करने की साजिश-एडवोकेट खोवाल

ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन की बैठक में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप

हिसार, 26 जनवरी रवि पथ :

ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हंसराज जांगड़ा दिल्ली तथा ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन के राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार लाल बहादुर खोवाल ने भाजपा सरकार पर आरक्षण प्रणाली को निष्क्रिय करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। वे रविवार को विश्वकर्मा धर्मशाला में पिछड़े वर्ग की एक राज्य स्तरीय बैठक में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह फौजी तथा कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ कुलवंत जांगड़ा ने संयुक्त रूप से की।
बैठक को संबोधित करते हुए एडवोकेट लालबहादुर खोवाल मांग की कि हरियाणा में क्लास थ्री व फोर कि तरह क्लास वन व क्लास टू की नौकरियों में भी 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए। इसके साथ ही हरियाणा में क्रीमी लेयर के बारे में 17 अगस्त 2016 व 28 अगस्त 2018 को जारी किए गए नोटिफिकेशन को वापस लिया जाए तथा केंद्र व देश के अन्य राज्यों में क्रीमी लेयर के लिए जो फार्मूला अपनाया गया है, उसी आधार पर हरियाणा में भी आरक्षण का लाभ दिया जाए। खोवाल ने बताया कि क्रीमी लेयर के मानको बारे स्पष्ट है कि सरकारी व संवैधानिक पदों पर कार्यरत नौकरी पेशा आमदनी वालों को उनके पद के अनुसार क्रीमी लेयर तय की जाए न कि उनकी आय के अनुसार जैसा कि डीओपीटी का आदेश है। उसके लिए स्पष्टीकरण सहित आदेश जारी किए जाएं।
बॉक्स- नीट परीक्षा में राज्य के कोटे में भी सुनिश्चित किया जाए आरक्षण
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल की नीट की परीक्षा में राज्य के कोटे पर ओबीसी का आरक्षण लागू नहीं है। इसलिए राज्यों के कोटे पर ओबीसी आरक्षण को सुनिश्चित किया जाए और ओबीसी को राज्यों के मेडिकल कॉलेज में आरक्षण का लाभ दिया जाए। वहीं विश्वविद्यालय में संविदा पर कार्यरत शिक्षकों को सामान्य वर्ग की तर्ज पर समान अनुपात में घंटे आवंटित किए जाए और इस विषय पर यूजीसी को निर्देश जारी किए जाए। इसके अलावा देश के सभी सरकारी संस्थानों में आरक्षित पदों के शार्टफाल/ बैकलॉग पदों को विज्ञप्ति करा कर तत्काल नियुक्तियां की जाएं। वहीं मंडल आयोग की संस्तुति के अनुसार पिछड़े वर्ग के लोगों को भी अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति की तरह पदाोन्नति में आरक्षण का लाभ दिया जाए।


बॉक्स- सरकारी कर्मचारियों की कराए जाए जातिगत जनगणना
उन्होनें मांग उठाई कि सभी सरकारी नौकरियों में अब तक कार्यरत सभी कर्मचारियों की जातिगत जनगणना कराई जाए, ताकि यह पता चल सके की ओबीसी को कितनी भागीदारी मिली हुई है और जहां ओबीसी का प्रतिनिधित्व कम है वहां उस कमी को दूर करने हेतु उचित कदम उठाए जाएं। इसके अलावा अब जब की सवर्णों, पिछड़ों, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को जातिगत आधार पर आरक्षण दिया जा रहा है तो संविधान के अनुच्छेद 15 (4 )व 16(4) की अनुपालना करने हेतु सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन का पता लगाने के लिए अभी होने वाली जनगणना में जातिगत आंकड़े उनके व्यवसाय व पद सहित एकत्रित करने हेतु भारत सरकार उचित कदम उठाये, जिससे यह पता चल सके कि कौन कितना लाभ ले रहा है और किस को आरक्षण दिए जाने की आवश्यकता है और किस को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। सही आंकड़े देश के सामने आने चाहिए और वाकई में जिसे जरूरत है उसे ही इसका लाभ दिया जाए। इसके अलावा अनुसूचित जाति तथा जनजाति की भांति विधानसभा व संसद में भी ओबीसी का आरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा लोकल बॉडीज में भी आरक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि फैडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय के रिटायर्ड पूर्व न्यायाधीश जस्टिस वी एश्वर्या ने भी पूरे देश में यह अभियान शुरू किया हुआ है कि आरक्षण को किसी भी सूरत में निष्क्रिय नहीं होने दिया जाएगा। बैठक में फेडरेशन के प्रदेश मुख्य सलाहकार शैलेश वर्मा, पूर्व एसडीओ चंद्रमल, फेडरेशन के प्रदेश महासचिव देशराज कंबोज, प्रदेश उपाध्यया देवीशंकर जांगड़ा, कुम्हार महासभा के प्रधान शेर सिंह व महाबीर जांगड़ा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर डा बलराम, इंजी पवन सोखल, ओमप्रकाश जांगड़ा, जयभगवान, रामकुमार, अनिल कुमार , साहिल लाडूना,ओमप्रकाश, हरदीप सिंह, सीताराम बरवाडिय़ा, डॉ सीआर डरोलिया, सत्यनारायण, चतर सिंह व राकेश धूंधारा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।