प्रदेश की बनाई जाए अलग से राजधानी : कर्ण दलाल।

प्रदेश की बनाई जाए अलग से राजधानी : कर्ण दलाल।

कुरुक्षेत्र को हरियाणा की राजधानी बनाने की मांग उठाई कर्ण दलाल ने।

रवि पथ न्यूज़ :

हरियाणा के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांगेसी नेता कर्ण दलाल ने प्रदेश की अलग राजधानी बनाने की मांग उठाते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हरियाणा सरकार को अलग से राजधानी बनानी चाहिए। उन्होने कुरुक्षेत्र को हरियाणा की राजधानी बनाने का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र एक ऐतिहासिक एवं धार्मिक तीर्थ स्थल है इसे राजधानी बनाने से विश्व भर में कुरुक्षेत्र की ख्याति फैलेगी।

 

कर्ण दलाल ने कहा कि चंडीगढ 27 हजार एकड़ में फैला हुआ है। जिस पर 40 प्रतिशत हिस्सा जोकि 11 हजार एकड़ बनता है, हरियाणा का है। इस 11 हजार एकड़ भूमि का क्लेक्टर रेट से पैसा पंजाब सरकार या केंद्र सरकार हरियाणा को दे ताकि हरियाणा की अलग राजधानी बनाई जा सके। उन्होने कहा कि चंडीगढ में हरियाणा की हैसियत एक किराएदार जैसी है। यह शहर अब बुढा हो चुका है अब तो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद चंडीगढ को मांग रहें हैं इसलिए हरियाणा सरकार को देरी न करके अलग राजधानी बनाने की दिशा में पहल करनी चाहिए।

 

उन्होने कुरुक्षेत्र को राजधानी बनाने की पुरजोर पैरवी करते हुए कहा कि चौ. बंसीलाल की सरकार में जब वे मंत्री थे तो उस समय चौ. बंसीलाल का सपना कुरुक्षेत्र को हरियाणा की राजधानी बनाने का था लेकिन बदलते हालात के कारण चौ. बंसीलाल इसे अमलीजामा नही पहना सके।

अब समय आ गया है कि इस धार्मिक और ऐतिहासिक शहर को राजधानी बनाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पहल करनी चाहिए।
पलवल से पांच बार विधायक रह चुके कर्ण दलाल ने चंडीगढ को राजनेताओं और बाबूओं का शहर बताते हुए कहा कि इस शहर मेंंं हरियाणा के लोगों का कोई मान सम्मान नही है।

उन्होने कहा कि हरियाणा के पलवल और होडल जैसे दूर दराज से चंडीगढ आने वाले लोगों का 2200 रूपए तो टोल ही लग जाता है।

 

एसवाईएल का जिक्र करते हुए कर्ण दलाल ने कहा कि पानी के बंटवारे के लिए गठित इराड़ी आयोग की ओर हरियाणा सरकार कोई ध्यान नही दे रही। इस आयोग ने हरियाणा को मिलने वाले सतलुज और रावी के पानी का बंटवारा करना है। आयोग के दफ्तर में बैठे बाबूओं को केवल तनख्वाह दी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने एसवाईएल को लेकर हरियाणा के हक में फैसला दिया हुआ है। दलाल ने सभी दलों के नेताओं से दलगत राजनीति से उपर उठकर अलग राजधानी बनाने के मुद्दे पर समर्थन करने की अपील की और कहा कि वे पूरे प्रदेश में जाहर इस मुद्दे पर जनता को जागृत करेंगें। कर्ण दलाल ने कहा कि जब हरियाणा की अलग से राजधानी होगी तो प्रदेश का अपना हाईकोर्ट, अपनी विधानसभा, अपनी पीजीआई, इपना एयरपोर्ट होगा जिसका आने वाली पीढियों को लाभ होगा क्येांकि इस समय चंडीगढ में स्थापित सभी चीजों पर पंजाब का बोलबाला है।