फतेहाबाद रिश्वतकांड से भाजपा सरकार की पर्ची-खर्ची के खेल की पोल खुली- कृष्णा पुनिया

फतेहाबाद रिश्वतकांड से भाजपा सरकार की पर्ची-खर्ची के खेल की पोल खुली- कृष्णा पुनिया

भाजपा विधायक के ड्राईवर द्वारा आत्महत्या की कोशिश व रिश्वतख़ोरी के पूरे मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जाँच हो

फतेहाबाद, 25 जुलाई, 2022 रवि पथ :

फतेहाबाद की वरिष्ठ नेता और महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष  कृष्णा पुनिया ने कहा है कि फतेहाबाद से भाजपा विधायक दुड़ाराम के ड्राईवर सुभाष के कथित सुसाईड नोट से भाजपा सरकार की बिना पर्ची, बिना खर्ची के झूठे दावों के पोल खुल गई है। इस घटना से साफ हो गया है कि सरकार के सरंक्षण से प्रदेश में भ्रष्टाचार व भाई भतीजावाद का खुला खेल चल रहा है और नौकरियों में यूवाओं के साथ धोखा हो रहा है।

यहाँ जारी एक बयान में कृष्णा पुनिया ने कहा कि भाजपा विधायक के ड्राईवर द्वारा आत्महत्या की कोशिश व रिश्वतख़ोरी के पूरे मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। इससे बड़ी बात क्या होगी कि विधायक का ड्राईवर विधायक के पीए पर नौकरियाँ लगवाने के लिए खुले आम रिश्वत लेने की बात कह रहा है। यदि किसी व्यक्ति को प्रताडऩा से तंग होकर आत्महत्या करने की नौबत आ जाए और उसके बाद भी सरकार व विधायक चुप रहे तो इससे साफ है कि भ्रष्टाचार का खुला खेल सरकार व विधायकों के संरक्षण में चल रहा है।

कांग्रेसी नेत्री ने कहा कि चाहिए तो यह था कि विधायक के पीए राजबीर, संदीप बीसला व सतबीर के विरूद्ध तुरंत मुकदमा दर्ज होता और उसके बाद जांच होती लेकिन यहां उल्टी गंगा बह रही है। सरकार की सारी मशीनरी व विधायक के कारिंदे ड्राईवर पर उसका बयान पलटने का दबाव बना रहे हैं। यदि भाजपा अपनी पार्टी के विधायक को पार्टी से नहीं निकालती तो भाजपा की भ्रष्टाचार पर कथनी और करनी में फर्क एक बार फिर साफ हो जाएगा। प्रदेश की जनता को स्पष्ट हो जाएगा कि यहां पर्चियां भी चलती है और ऊपर से खर्ची भी दी जाती है।

पूनिया ने सवाल पूछा कि क्या पीए बिना विधायक की स्वीकृति के नौकरी लगाने की पर्चियां पकड़ रहा था। क्या विधायक की संलिप्तता के बगैर यह संभव है? जनता के बीच विधायक के पहले भी कई गंभीर मामले आ चुके है, मगर भाजपा सरकार हर बार उन्हें बचाव में उतर जाती है। कृष्णा पुनिया ने कहा यदि भाजपा विधायक स्वयं को निर्दोष होने का दावा करते हैं तो उन्हें मीडिया के सामने आकर अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए। उनकी चुप्पी एक तरह की मामले में मौन स्वीकृति ही है। कृष्णा पुनिया ने सरकार से इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि विधायक के ड्राईवर सुभाष ने कथित सुसाईड नोट छोड़कर कीटनाशक पीकर जान देने की कोशिश की थी। वायरल सुसाईड नोट में विधायक के पीए राजबीर, संदीप बिसला व सतबीर पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने नौकरियां लगवाने के लिए लाखों रुपए लिए और वापिस देने से मना कर रहे हैं।