आज भी 51 प्रतिशत डॉक्टर और पैरामैडिकल स्टाफ की कमी है ऐसे में सरकार कैसे करेगी ओमिक्रोन का मुकाबला: अभय सिंह चौटाला

आज भी 51 प्रतिशत डॉक्टर और पैरामैडिकल स्टाफ की कमी है ऐसे में सरकार कैसे करेगी ओमिक्रोन का मुकाबला: अभय सिंह चौटाला

भाजपा का चुनावी वायदा था हर जिले में एक मैडिकल कॉलेज खोला जाएगा

बताएं कि सात वर्ष हो गए हैं अब तक कितने मैडिकल कॉलेज खोले हैं

केंद्र सरकार द्वारा नवम्बर 2021 में 19 राज्यों को लगभग 8453 करोड़ की हैल्थ ग्रांट जारी की थी लेकिन हरियाणा सरकार द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को कोई प्रोपोजल न भेजने के कारण एक पैसा भी नहीं मिला

चंडीगढ़, 22 दिसंबर रवि पथ :

ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने बुधवार को विधानसभा सत्र के चौथे और आखिरी दिन ओमिक्रोन पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सदन में दिए गए जवाब पर बोलते हुए कहा कि जिलेवार अस्पतालों की क्या स्थिति है, कितना स्टाफ है, कितने बैड हैं और अन्य इंतजाम क्या किए हैं? स्वास्थ्य मंत्री को अपने जवाब में यह भी बताना चाहिए था कि डब्ल्यूएचओ की जो गाईडलाइन है उसके मुताबिक एक हजार की आबादी पर तीन बैड होने चाहिए जबकि नेशनल हेल्थ पोलिसी उसके मुताबिक एक हजार की आबादी पर दो बैड का ही प्रावधान किया गया है।
हरियाणा में दो करोड़ 90 लाख की जनसंख्या है जिसके आधार पर 58 हजार बैड का प्रावधान किया जाना है लेकिन ओमिक्रोन मरीजों के लिए सिर्फ 20 हजार 21 बैड ही उपलब्ध हैं। यही कारण है कि कोरोना की दूसरी लहर में अधिकतर मरीजों को बैड नहीं मिल पाया था जिस कारण उनकी मृत्यू हो गई थी।
अभय सिंह चौटाला ने विधायक जगदीश नैयर का उदाहरण देते हुए कहा कि इनके परिवार के दो सदस्यों की कोरोना के दौरान मृत्यु हो गई थी। उन्हें बैड नहीं मिल रहा था जिस कारण विधायक ने उनसे संपर्क कर बैड मुहैया करवाने की मदद मांगी थी। अगर एक विधायक की यह हालत थी तो आम आदमी का क्या हुआ होगा। दूसरा उदाहरण कैथल के सिविल अस्पताल का देते हुए कहा कि वहां के एक लडक़े द्वारा बनाई गई विडियो से पता चलता है कि हालात इतने बदतर थे कि मरीज शौचालय के अंदर और बाहर फर्श पर गंदगी में पड़े थे। अस्पताल के हालात इतने भयावह थे कि एक मरीज के दोनों हाथ पैर बांधे हुए थे जो बुरी तरह से तड़प रहा था वहीं एक महिला बैड के नीचे पड़ी चिल्ला रही थी बाद में उसकी मौत हो गई लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।
स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि प्रदेश में किसी भी कोरोना के मरीज की जान ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं गई, अभय सिंह चौटाला ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से गुरूग्राम में 13, हिसार में पांच और रेवाड़ी में चार को मिला कर 22 मरीजों की जान गई है।
उन्होंने कहा कि 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने यह वायदा किया था कि हर जिले में एक मैडिकल कॉलेज खोला जाएगा। बताएं कि सात वर्ष हो गए हैं अब तक आपने कितने मैडिकल कॉलेज खोले हैं। सरकार दावा कर रही है कि सारे इंतजाम किए हुए हैं परंतु आज भी 51 प्रतिशत डॉक्टर और पैरामैडिकल स्टाफ की कमी है ऐसे में सरकार तीसरी लहर का मुकाबला कैसे करेगी।
जहां तक कोरोना वैक्सीन का सवाल है अब तक लगभग एक करोड़ 91 लाख लोगों को पहली डोज और एक करोड़ 20 लाख लोगों को दूसरी डोज लगी है जिनको मिला कर अब तक 58 प्रतिशत लोग ही कवर हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि आपकी तैयारियों का अंदाजा तो इसी बात से लगता है कि आपने जून महीने में मोहना गांव में एक सीएचसी अस्पताल का उद्घाटन किया था उसमें अभी तक न सीवरेज है, न डाक्टर हैं और न ही बैड हैं। केंद्र सरकार द्वारा नवम्बर 2021 में 19 राज्यों को लगभग 8453 करोड़ की हैल्थ ग्रांट जारी की थी लेकिन हरियाणा सरकार द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को कोई प्रोपोजल न भेजने के कारण एक पैसा भी नहीं मिला।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में लॉकडाऊन के दौरान आपदा में अवसर ढूंढते हुए भाजपा सरकार के रसूखदार लोगों ने मिलीभगत कर शराब, रजिस्ट्री और धान घोटाले तक कर डाले। उन्होंने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का मुद्दा भी सदन में उठाया और मांग की कि 2021 की महंगाई भत्ते की किस्त तुरंत जारी की जाए।