पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को न्याय दिलाने में अहम साबित हो रहा है वन स्टॉप सेंटर, अभी तक 825 महिलाओं के मामलों का हुआ निपटान

पीड़ित महिलाओं व बालिकाओं को न्याय दिलाने में अहम साबित हो रहा है वन स्टॉप सेंटर, अभी तक 825 महिलाओं के मामलों का हुआ निपटान

हिसार, 20 दिसंबर  रवि पथ :

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के अपराधों से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को न्याय दिलाने के लिए स्थापित किए गए वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से 825 महिलाओं के विभिन्न मामलों का निपटान किया जा चुका है।
यह जानकारी देते हुए कार्यक्रम अधिकारी सुशीला शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर 23 दिसंबर 2016 को वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई थी। उन्होंने बताया कि इस सेंटर के माध्यम से बलात्कार पीड़ित, घरेलू हिंसा पीड़ित, यौन शोषण पीड़ित, महिला तस्करी, बाल यौन शोषण पीड़ित, गुमशुदा/अपहरण, बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न/मृत्यु, ऐसिड अटैक तथा साइबर क्राइम से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को न्याय दिलाने के लिए समुचित प्रबंधन किए गए हैं। सेंटर के माध्यम से अब तक 825 महिलाओं/बालिकाओं को न्याय दिलाया गया है।
उन्होंने बताया कि आपराधिक कानून (संशोधित) अधिनियम 2013 के अंतर्गत किए गए प्रावधानों के अनुसार विभिन्न कार्यों को कानूनी अपराध समझा जाता है और इसके लिए 3 साल की कारावास या जुर्माने की सजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई पुरुष किसी के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता है या शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालता है, तो इस तरह के कार्यों को कानूनी अपराध की श्रेणी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस तरह के अपराध दोबारा करने पर दोषी व्यक्ति को 3 से 7 साल की सजा और जुर्माना भी किया जा सकता है।