20 अक्टूबर के बाद ऐलनाबाद हलके की जनता की टटोलेंगे नब्ज: डॉ. अशोक तंवर

20 अक्टूबर के बाद ऐलनाबाद हलके की जनता की टटोलेंगे नब्ज: डॉ. अशोक तंवर

अशोक तंवर ने समर्थकों से किया ऐलनाबाद उपचुनाव को लेकर मंथन

बोले तंवर, आने वाला वक्त अपना भारत मोर्चे का

सिरसा, 17 अक्टूबर  रवि पथ :

अपना भारत मोर्चा के संस्थापक एवं पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि ऐलनाबाद के हितों के लिए जो संघर्ष कर रहा है और जो नेता वहां की जनता की आवाज होगी, वही अपना भारत मोर्चा की भी आवाज होगी।
वे रविवार को अपने सिरसा आवास पर ऐलनाबाद उपचुनाव को लेकर अपना भारत मोर्चा के सहयोगियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज देश को बचाने की बहुत आवश्यकता है और इसी मानसिकता के लोगों को एकजुटता के साथ आगे आने की जरूरत है। अपना भारत मोर्चा ऐसे ही लोगों के लिए बेहतर मंच है जो विकृत हो चुकी राजनीतिक व्यवस्था को दूर कर देश के लोगों के लिए एक बेहतर भारत की व्यवस्था दे सके। ऐलनाबाद उपचुनाव के सिलसिले में उन्होंने कहा कि 20 अक्टूबर के बाद वे ऐलनाबाद की जनता के साथ फीडबैक लेकर मैदान में उतरेंगे और जो भी जनता के हितों के लिए पूरी तरह से संघर्ष करता नजर आएगा, उसे ही अपना भारत मोर्चा का समर्थन हासिल होगा। बाद में मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए डॉ. अशोक तंवर ने कांग्रेस के संदर्भ में कहा कि पुरानी पार्टी है मगर इसके बारे में कहते हैं कि कांग्रेस कांग्रेस को ही हराती है, तो यह पार्टी में कोई नई बात नहीं बल्कि पुरानी बीमारी है। इसी वजह से ऐलनाबाद उपचुनाव में कांग्रेस को तीसरे नंबर पर खिसकना पड़ रहा है। डॉ. अशोक तंवर ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस ने तो उन्हें भी अपना दुश्मन मान लिया था और जिस जिस व्यक्ति ने इसके उत्थान के लिए पसीना बहाया, सभी को बाहर का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि रविवार को अपने समर्थकों के साथ हुई बैठक में उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया है और आखिरकार फैसला 20 अक्टूबर के बाद ही लिया जाएगा। अपना भारत मोर्चा के संस्थापक डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि वर्तमान समय में देश के राजनीतिक हालात ऐसे हैं कि ज्यादातर पार्टियां लोगों को वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल कर उन्हें भटकने पर मजबूर कर देती हैं मगर अपना भारत मोर्चा इस विकृत व्यवस्था को बदलने के लिए कृतसंकल्प है और आने वाला वक्त अपना भारत मोर्चा का ही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जिस प्रकार के देश प्रदेश के राजनीतिक हालात हैं, वे आमजन के हित में कतई नहीं कहे जा सकते क्योंकि इस हालात में आमजन स्वार्थपरक राजनीतिक व्यवस्था से पूरी तरह बेजार हो चुका है। वे ही नहीं बल्कि देश का हर आम आदमी इस बात को बखूबी समझने लगा है कि वर्तमान सत्ताधारी लोग ऐसी किसी भी नीति पर काम नहीं कर रहे जो उन्हें सुकूं दे सके अथवा देश प्रदेश का वास्तविक विकास सुनिश्चित हो। डॉ. तंवर ने कहा कि पूंजीवादी व्यवस्था के पक्षधर लोगों की जमात राजनीतिक शुचिता को पूरी तरह से खंडित कर चुकी है और आज आलम ये है कि देश की संपत्तियों को बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं विरोध जताने वालों को राष्ट्रदोही बताकर आलोचना की जाती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था को कलंकित करने वाले राजनीतिक दलों की वास्तविकता को जानने के बाद यह आवश्यकता थी कि देश के लोगों को एक स्वच्छ राजनीतिक वातावरण देने के उद्देश्य से बेहतर मंच मिले, इसके लिए ही अपना भारत मोर्चा की स्थापना की गई और आज मोर्चा केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारत में देश के नवनिर्माण को लेकर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि मोर्चा का लक्ष्य और उद्देश्य जहां जन जन का वास्तविक विकास, शिक्षित युवाओं को रोजगार, देश की बेहतर अर्थव्यवस्था, उन्नत कृषि व उद्योगों की स्थापना, समाज के शोषित वर्ग को आगे बढऩे के लिए बेहतर मंच प्रदान करना, हर घर तक शिक्षा का उजियारा, देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति का महत्ती योगदान व समाज तथा देश की उन्नति के लिए कदमताल करने की कवायद है और इस दिशा में मोर्चा देशभर में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
डॉ. तंवर ने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि किसी भी सामाजिक और राजनीतिक दल की रीढ केवल उसके कार्यकर्ता ही होते हैं और यह तथ्य सही मायने में प्रमाणित भी हो रहा है क्योंकि अपना भारत मोर्चा के तेजी से हो रहे विकास में इसके कार्यकर्ताओं और समर्थकों का बड़ा योगदान है। डॉ. तंवर ने कहा कि राजनीतिक शुचिता के लिए मोर्चा अब ऐलनाबाद में हो रहे उपचुनाव को लेकर भी अपनी महत्ती भूमिका निभाएगा और यहां हो रहे उपचुनाव में राजनीतिक गतिविधियों के दौरान ही महत्वपूर्ण निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि धरातली स्तर पर मोर्चा ग्रामीणों के बीच जाएगा और उनकी मानसिकता और पसंद को ध्यान में रखा जाएगा। इससे पूर्व उन्होंने अपने तमाम सहयोगियों और समर्थकों से भी ऐलनाबाद उपचुनाव को लेकर उनसे आवश्यक परामर्श किया और उनसे अमूल्य सुझाव आमंत्रित किए। बैठक में काफी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे।