बेरोजगारी दर पर मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान प्रदेश के योग्य बेरोजगार युवाओं के साथ भद्दा मजाक: अभय सिंह चौटाला

बेरोजगारी दर पर मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान प्रदेश के योग्य बेरोजगार युवाओं के साथ भद्दा मजाक: अभय सिंह चौटाला

आज भी हरियाणा सरकार के पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, वन, बिजली और रोडवेज जैसे प्रमुख विभागों में 88 हजार से अधिक पद खाली हैं

सच्चाई यह है कि वास्तव में प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है और बेरोजगारी दर 30 प्रतिशत से अधिक है

भाजपा ने 8 साल के शासनकाल में जितनी भी सरकारी नौकरियां निकाली हैं उनमें से अधिकतर भ्रष्टाचार और धांधलियों के चलते कोर्ट केस में अटकी पड़ी हैं

चंडीगढ़, 2 अगस्त रवि पथ :

बेरोजगारी पर सर्वे रिपोर्ट जारी करने वाली एजेंसी सीएमआईई ने पिछले महीने हरियाणा में 30 प्रतिशत से अधिक बेरोजगारी दर के आंकड़े जारी किए थे। सीएमआईई एजेंसी द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में बेरोजगारी दर पूरे देश में सबसे अधिक थी। इन आंकड़ों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा गलत बताने और हरियाणा में बेरोजगारी दर 8 प्रतिशत बताने वाले बयान की इनेलो प्रधान महासचिव एवं विधायक अभय सिंह चौटाला ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि ऐसा झूठा और भ्रमित बयान देकर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के योग्य बेरोजगार युवाओं के साथ भद्दा मजाक किया है।
हरियाणा सरकार के प्रमुख विभागों में खाली पदों का ब्यौरा जारी करते हुए इनेलो नेता ने कहा कि पुलिस विभाग में कुल पद 71069 हैं जिसमें 20839 पद खाली हैं, स्वास्थ्य विभाग में कुल पद 23607 हैं जिसमें 9046 पद खाली हैं, शिक्षा विभाग में कुल पद 149624 हैं जिसमें 44924 पद खाली हैं, वन विभाग में कुल पद 4504 हैं जिसमें 1814 पद खाली हैं, बिजली विभाग में कुल पद 35 हजार हैं जिसमें 5000 पद खाली हैं, रोडवेज विभाग में कुल पद 22 हजार हैं जिसमें 6500 पद खाली हैं। यही आंकड़े उन्होंने विधान सभा में भी प्रस्तुत किए थे, इनके अलावा अन्य और भी विभाग हैं जिनमें हजारों पद खाली पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में बेरोजगारी दर 8 प्रतिशत बताया जाना वास्तविकता से परे है। सच्चाई यह है कि वास्तव में प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है और बेरोजगारी दर 30 प्रतिशत से अधिक है। भाजपा गठबंधन सरकार साजिश के तहत सरकारी नौकरियों को खत्म करती जा रही है। भाजपा ने 8 साल के शासनकाल में जितनी भी सरकारी नौकरियां निकाली हैं उनमें से अधिकतर भ्रष्टाचार और धांधलियों के चलते कोर्ट केस में अटकी पड़ी हैं। भाजपा गठबंधन सरकार नौकरियां देने के बजाय उलटा कई सालों से नौकरी कर रहे युवाओं को हटा रही है।