5 जून को देशभर के बीजेपी नेताओं के सामने जलाएंगे कृषि कानूनों की प्रतियां: चढूनी

5 जून को देशभर के बीजेपी नेताओं के सामने जलाएंगे कृषि कानूनों की प्रतियां: चढूनी

सोनीपत   रवि पथ : 

दिल्ली की सीमाओं पर 6 माह से कृषि कानूनों के विरोध में देशभर का किसान विरोध कर रहा है। हरियाणा में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी के आह्वान के बाद बीजेपी और उसके सहयोगी दल जननायक जनता पार्टी के नेताओं का किसान जमकर विरोध कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किसान नेताओं का विरोध नहीं कर पा रहे हैं जिसके चलते अब किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने ही इसकी जिम्मेवारी ली है। उन्होंने किसानों को आह्वान किया है कि बीजेपी नेताओं का विरोध करें और प्रदेश के टोल भी हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर बंद करवाएं जाए। चढूनी ने कहा कि 5 जून को देश के सभी बीजेपी नेताओं के सामने तीन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई जाए, उत्तर प्रदेश वाले किसान ज्यादा से ज्यादा हर सांसद और विधायक के घर के सामने प्रतियां जलाए।

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने एक वीडियो जारी कर अपना बयान दिया कि मैंने दो-तीन दिन पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों को आह्वान किया था कि वह हरियाणा की तर्ज पर बीजेपी नेताओं का विरोध करें ।उन्हें काले झंडे दिखाए उनके सामने प्रदर्शन करें, जिसको लेकर अब उत्तर प्रदेश के किसान जाग चुके हैं। उन्होंने वहां पर आंदोलन शुरू कर दिया है हम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अन्य किसानों को कहना चाहेंगे कि बीजेपी के जो नेता है उन को काले झंडे और उनके सामने प्रदर्शन करके अपना विरोध जताएं। मीडिया में कुछ खबरें आ रही थी कि मैंने राकेश टिकैत के खिलाफ बोला है, हम दोनों एक ही तरह का काम कर रहे हैं एक जगह ही काम कर रहे हैं सारे आंदोलन के लिए काम कर रहे हैं। ऐसी खबरों से हमारा आंदोलन टूटने वाला नहीं है।

उन्होंने कहा कि आईजी ने कहा कि उसी दिन हरियाणा में मुख्यमंत्री आता है और उसी दिन उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आता है लेकिन हरियाणा में प्रदर्शन हो रहा है जबकि उत्तर प्रदेश में नहीं हो रहा है आप हरियाणा में सब कुछ कर रहे हो इसलिए मैं उत्तर प्रदेश के किसानों से एक बार फिर आह्वान करता हूं कि वह भी बीजेपी नेताओं का विरोध करें मैं उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के किसानों को आह्वान करना चाहता हूं कि ज्यादा से ज्यादा आंदोलन में भाग ले और ज्यादा से ज्यादा जगह प्रदर्शन करें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सभी टोल भी बंद करवाए जाएं।