विधायक नीरज शर्मा ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांगी लखीमपुर खीरी में राम कथा वाचन की अनुमति

विधायक नीरज शर्मा ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांगी लखीमपुर खीरी में राम कथा वाचन की अनुमति

चंडीगढ़/फरीदाबाद  रवि पथ :

लखीमपुरखीरी खीरी कांड की निंदा करते हुए एनआईटी के विधायक नीरज शर्मा ने यूपी के मुख्यमंत्री मंत्री योगी आदित्यनाथ से वहां राम कथा वाचन की अनुमति मांगी है। इस संदर्भ में पत्र लिखकर विधायक श्री शर्मा ने किसानों के साथ हुए इस हादसे की निंदा की है। उन्होंने कहा है कि बहुत दुखद है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जो भी विपक्ष के नेता इस कांड में हताहत हुए लोगों के परिजनों से मिलने के लिए वहां पहुंच रहे हैं उनके साथ बदसलूकी की जा रही है उन्हें जेलों में ठूंस आ जा रहा है। मंत्रियों तक को एयरपोर्ट से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि शांति और सद्भावना सिर्फ राम राज्य में हो सकता है और इसी को लाने की दुहाई देकर भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई थी। जनता से रामराज्य लाने का वादा किया गया था लेकिन उत्तर प्रदेश में जंगलराज स्थापित हो गया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम के राज्य में जहां प्रजा को पुत्रवत प्रेम किया जाता था वही राम राज्य की बात करने वाली बीजेपी सरकार के कार्यकाल में राज्य में जन विरोधी परिस्थितियां पैदा की जा रही है। राम राज्य में जैसे असुरों का काम था निर्मम हत्या करना ऐसे ही जैसे रावण का पुत्र मेघनाथ प्रजा को सताता है और सभी की निर्मम हत्या करता था, उसी तरह इस समय की घटना भी यही कहती है की
।। जानी न जाये निशाचर माया कामरूप केहि कारण आया ।।
मायावी कालनेमि भी रामभक्त बनकर गया था परन्तु श्रीहनुमान जी को रोकने लगा राम का काम बिगाड़ने के लिये इसलिये सरकार रामराज्य की बात करती है और काम कालनेमि जैसा कर रही है। एक और राम राज्य की बात दूसरी ओर गरीब किसानों की हत्या और उसके बाद तानाशाह जैसा व्यवहार। श्री शर्मा ने कहा कि मैं भगवान राम से प्रार्थना करता हूं की ऐसे लोगों को सद्बुद्धि मिले ।।हनुमान जी इनकि कुमति को सुमति में बदलें
।।महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी ।
गौरतलब है कि नीरज शर्मा एन आई टी के विधायक तो हैं ही साथ ही वह राम कथा का वाचन भी करते हैं। श्री शर्मा का कहना है कि लखीमपुर खीरी में किसानों की शहादत के बाद माहौल बेहद खराब है तनाव व्याप्त है ऐसे में वह वहां राम कथा के माध्यम से शांति एवं सद्भाव कायम करना चाहते हैं अतः प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें वहां राम कथा की अनुमति प्रदान की जाए।