हिसार का युद्ध-नशे के विरुद्ध एक साथ हिसार जिले के 273 स्कूल मे कार्यक्रम आयोजित

May 17, 2022

हिसार का युद्ध-नशे के विरुद्ध एक साथ हिसार जिले के 273 स्कूल मे कार्यक्रम आयोजित

हर स्कूल मे पहुंचे 2-2 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, नशे के बारे मिथक धारणा बारे किया जागरूक

आईजी राकेश आर्य ने गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों से किया संवाद

बच्चो की क्षमता व आत्मविश्वास की झलक देख हुए प्रभावित, बच्चो को किया सम्मानित

स्कूल ही बच्चों के चहुमुखी विकास की प्रथम सीढ़ी है, यही पर उनके भविष्य की नींव रखी जाती है : आईजी

हिसार, 17 मई  रवि पथ :

हिसार का युद्ध-ड्रग्स के विरुद्ध के आदर्श वाक्य के साथ मंगलवार को जिले के 273 सरकारी स्कूलों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान हिसार रेंज के 550 पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्कूलों में जाकर छात्रों से संवाद किया।
कार्यक्रम में बच्चों को नशे के विरुद्ध प्रेरक फिल्में दिखाई गई, अधिकारियों ने व्याख्यान दिए और नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बच्चों को जागरूक किया। इसके अतिरिक्त स्कूल के विद्यार्थियों ने पेंटिंग के माध्यम से ड्रग के दुष्प्रभावों को उकेरा। बच्चों ने ड्रग एवं अन्य नशों के कुप्रभावों के बारे में प्रभावशाली ढंग से अपने विचार भी साझा किए।
स्कूलों में पहुंचे पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों ने युवाओं को ड्रग के सेवन व इसके क्रय-विक्रय के कठोर कानूनों बारे जागरूक किया व युवा वर्ग में नशे के मिथक को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दिया। कार्यक्रम में छात्रों को उनकी जिम्मेवारी का अहसास करवाया गया, इन्कार का पहिया विषय पर बोलते हुए छात्रों को बताया गया कि वे कैसे शुरूआती दौर में नशे को लेकर बनाए जाने वाले दबाव से अपना बचाव कर सकते हैं। अपने दोस्तो से अच्छे संबंध रखते हुए गलत आदतों से कैसे बचा जा सकता है। उन्हें बताया गया कि समाज में अनेक मिथक फैले जो लोगों विशेषकर युवाओं को भ्रमित करते हैं। इनमें से कुछ मिथक इस प्रकार से हैं :-
1 मिथक… ड्रग रचनात्मकता को बढाती है और उपयोगकर्ता को अधिक कल्पनाशील बनाती है।
तथ्य : यह वास्तव में परिवेश के प्रति उपयोगकर्ता की धारणा को बदलती है और यह उपयोगकर्ता को कारण, प्रभाव और सचेत अनुभव के घटकों को व्यवस्थित वर्गीकृत एवं अलग करने के लिए समझने की क्षमता को भी कम करती है।
2 मिथक… ड्रग किसी की सोच को तेज करती है और अधिक से अधिक एकाग्रता की और ले जाती है।
तथ्य : ड्रग सुस्तता को प्रेरित करती है और शरीर और मस्तिष्क के सामान्य कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
3 मिथक… यह अक्सर कहा जाता है कि एक बार जब आप ड्रग के आदी हो जाते है, तो आपके लिए कोई उम्मीद नही हैं।
तथ्य : सच्चाई यह है कि उपचार और दवा की मदद से कोई व्यक्ति खुद को नशीले पदार्थो से दूर कर सकता है और नशीले पदार्थो के सेवन की लत से उभर सकता है।
4 मिथक… आपने कई लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि वे थोडा पीने के बाद भी अच्छी तरह से गाडी चला सकते है
तथ्य : आपको यह समझना चाहिए कि लोगो को महसूस होने से पहले ही शराब का प्रभाव जल्द होने लगता है। यह आपके बोल-चाल, स्मृति, ध्यान, समन्वय और संतुलन को प्रभावित करने के लिए हल्की क्षति के साथ शुरु होता है। इसलिए नशे की हालात मे गाडी चलाना बहुत खतरनाक है।
5 मिथक… किसी का मानना हो सकता है कि ड्रग्स पर निर्भरता इच्छा शक्ति की विफलता है या स्वयं के चरित्र की ताकत है।
तथ्य : यह है कि ड्रग्स की लत एक मानसिक विकार है। मस्तिष्क के कार्य करने के तरीके में कैसे परिवर्तन हो, इसके लिए प्रत्येक प्रकार की ड्रग्स के दुरुपयोग की अपनी अलग-अलग क्रियाविधि है। ड्रग्स की लत मे पडा व्यक्ति ड्रग्स के लिए लगभग कुछ भी कर सकता है।
6 मिथक .. जो लोग ड्रग्स का उपयोग करते है वे बदल नही सकते है यह एक नाउम्मीद वाली स्थिति है।
तथ्य : यह है कि सही उपचार एवं निरंतर समर्थन के साथ परिवर्तन हमेशा संभव है बशर्ते व्यक्ति मदद लेने के लिए तैयार हो।
7 मिथक .. ड्रग्स की लत को ठीक नही किया जा सकता है।
तथ्य : किसी भी नशीले पदार्थ की लत मस्तिष्क की एक पुरानी बीमारी है। इसे परामर्श और कभी-कभी दवा के साथ प्रबंधित किया जा सकता है, लेकिन बीमारी का पुनरावर्तन हमेशा संभव है। देखभाल करने वाले सक्षम चिकित्सकों एवं प्रियजनों के साथ घिरे रहने से आपको लंबे समय तक परहेज करने में मदद मिल सकती है।
8 मिथक.. नशा करने वाले आमतौर पर बेघर, रोजगार या मुलरुप से असफल होते है।
तथ्य : कटु सत्य यह है कि कोई भी ड्रग्स का आदी हो सकता है, जिसमें डॉक्टर वकील और शिक्षक जैसे योग्य लोग भी शामिल है।
आईजी राकेश आर्य ने जहाज पुल सीनियर सस्कृति मांडल स्कूल के छात्रों से रुबरु हुए। उन्होंने कार्यक्रम ने छात्रों से अनेक प्रश्न किए। छात्रों द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता में तैयार किए ड्रग के दुष्प्रभावों को दर्शाती पेंटिंग देखी व छात्र- छात्राओं को पुरस्कार दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूलों में जो शिक्षा व संस्कार मिलते है, वो जिंदगीभर उनका मार्गदर्शन करते है। छात्रों को आत्मविश्वासी बनाना बहुत जरुरी है। युवाओं को सामाजिक बुराईयों बारे जागरुक करने व उन बुराईयों के निराकरण में उनके सुझाव लेना समझ पैदा करने में सहायक होता है। स्कूल ही उनके चहुमुखी विकास की प्रथम सीढ़ी है। यही पर उनके भविष्य की नीव रखी जाती है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिसार पूजा वशिष्ठ ने बालसमंद के राजकीय कन्या सीनियर सैकेंडरी स्कूल में जाकर छात्राओं से संवाद किया व उक्त विषयों पर जागरूक किया। पेटिंग देखी व छात्राओं को सम्मानित किया। हांसी के डीएसपी जुगल किशोर ने गांव गुराना के सीनियर सैकेंडरी स्कूल में छात्रों को उक्त विषय पर जागरुक किया व छात्रों के अनेक प्रश्नों का जवाब दिया। फतेहाबाद के डीएसपी सुभाष चंद्र ने गांव पाबडा के सीनियर सैकेंडरी स्कूल मे छात्रों से रुबरु हुये व उन्हें ड्रग विषय पर जागरुक किया। एएसपी नरवाना श्री कुलदीप सिह, सुरेवाला उच्च विद्यालय मे पहुंच छात्रो से संवाद किया व उन्हे उक्त विषय बारे जागरूक किया।
गौरतलब है कि हिसार मंडल में ड्रग एवं हिंसा मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। अभियान में हिसार मंडल को ड्रग से मुक्त करने के लिये तीन स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पहला स्तर तस्करो पर प्रभावी कार्रवाई करना है, दुसरा स्तर ड्रग की दलदल मे फसे युवाओं की पहचान कर उन्हे सही रास्ते पर लाना है और तीसरा स्तर युवाओं को नशे की ओर जाने से रोकना है। तीसरे स्तर के प्रयास मे हिसार जिले के सभी सरकारी स्कुलों मे यह अभियान चलाया गया है।