वरिष्ठï नागरिकों की समस्याओं के निवारण हेतु जिले में केयरवैल कार्यक्रम का शुभारंभ

वरिष्ठï नागरिकों की समस्याओं के निवारण हेतु जिले में केयरवैल कार्यक्रम का शुभारंभ

उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने केयरवैल एप लांच की, सक्षम युवाओं का प्रशिक्षण भी आरंभ

वरिष्ठï नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप प्रशासन उपलब्ध करवाएगा होम बेस्ड केयर

हिसार, 6 मार्च रवि पथ :

वरिष्ठï नागरिकों की विभिन्न समस्याओं का निराकरण करते हुए उन्हें होम बेस्ड केयर उपलब्ध करवाने के लिए उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने शनिवार को केयरवैल कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने केयरवैल एप को भी लांच किया। इस एप के माध्यम से सक्षम युवा वरिष्ठï नागरिकों का सर्वे कर उनकी वर्तमान स्थिति तथा जरूरतों के बारे में जानकारी लेंगे। अभी लगभग 25 हजार पैंशनरों का डाटाबेस जिला प्रशासन के पास उपलब्ध है। सर्वे में उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, आश्रय, भोजन की जरूरतें तथा अकेलेपन से संबंधी जानकारी जुटाई जाएगी और वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान की जाएगी। इसके लिए शनिवार को ही सक्षम युवाओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से असहाय व जरूरतमंद वरिष्ठï नागरिकों की आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ उन्हें डिजिटली रूप से दक्ष भी किया जाएगा। स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए वरिष्ठï नागरिकों हेतु सामान्य अस्पताल 10 बैड भी आरक्षित किए गए हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठï नागरिकों को कोविड व अन्य बीमारियों से बचाव के वैक्सीन भी लगाए जाएंगें।
उन्होंने बताया कि अनेक बार ऐसे समाचार प्रकाशित होते है, जिनमें अकेले बुर्जुगों की तंगहाली का जिक्र होता है। कई बार तो उनकी मृत्यु हो जाती है और इस बात का पता भी काफी समय बाद चलता है। कुछ देशों में अकेले बुर्जुगों की समस्याओं के समाधान के लिए समय बैंक जैसे कार्यक्रम संचालित है। इस कार्यक्रम में युवाओं को बुर्जुगों की सेवाओं के लिए निर्धारित समय देना होता है और जब वहीं युवा वृद्घावस्था में जाता है तो उसके द्वारा दी गई सेवाओं के बदले उसे भी किसी अन्य युवा द्वारा सेवाएं प्राप्त होती है। ऐसे कार्यक्रमों के मद्देनजर ही केयरवैल कार्यक्रम को जिले में आरंभ किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि कोरोना काल में यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा क्योंकि ऐजवैल फाऊण्डेशन के द्वारा किए गए सर्वे में यह सामने आया है कि 71 प्रतिशत घरों में बुर्जुगों के समक्ष कोई न कोई समस्या है। 52 प्रतिशत बुर्जुगों के अपने परिजनों से संबंध अच्छे नहीं है। 55 प्रतिशत बुर्जुगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं है। 34 प्रतिशत बुर्जुगों को टेंशन व डिप्रेशन की समस्या है तथा 65 प्रतिशत बुर्जुगों का आत्मविश्वास गिरा है।

उन्होंने कहा कि केयरवैल कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण विभाग, रैडक्रॉस, स्वास्थ्य, एनआईसी आदि विभाग आपसी तालमेल से व्यापक योजना के तहत कार्य करेंगे। इस दौरान हिसार शहर के विभिन्न वार्डो में ऐसे वरिष्ठïजनों, जो संतानहीन है या उनकी संतान बाहर रहती है, की पहचान का कार्य होगा। उपायुक्त ने कहा कि ऐसे अकेले व असहाय लोगों के समक्ष स्वास्थ्य, पारिवारिक या अन्य कई प्रकार की समस्या है। ऐसे जरूरतमंद लोगों को होम बेस्ड केयर उपलब्ध करवाते हुए उनकी विभिन्न प्रकार की समस्याएं जैसे की दवाओं जरूरत, बिजली-पानी के बिल, सुरक्षा या स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा किया जाएगा। वरिष्ठïजन हैल्प लाईन नंबर 1950 पर भी संपर्क कर अपनी समस्याएं रख सकेगें।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. रत्ना भारती, डीआईओ एमपी कुलश्रेष्ठï, एडीआईओ अखिलेश, रैडक्रॉस सचिव रविन्द्र लोहान, सीएमजीजीए दीप ठक्कर व सौम्या सहित अन्य अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।