क्या विधानसभा में भी सिर्फ जुमले छोड़ते हैं मुख्यमंत्री

क्या विधानसभा में भी सिर्फ जुमले छोड़ते हैं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ?

*बेटियों के हकों की आवाज को महम विधायक Balraj Kundu ने विधानसभा में उठाया तो सीएम ने दिया था गलती सुधारने का आश्वासन ?

सीएम के सदन में दिए गए आश्वासन को जुमला साबित कर बेटियों को उनके अधिकार से वंचित कर रहा है HSSC

सब इंस्पेक्टर सिलेक्ट हुई प्रदेश की होनहार बेटियों को है इंसाफ का इंतजार

चंडीगढ़  रवि पथ  :

क्या हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल विधानसभा में भी सरेआम जुमले छोड़ते हैं ? यह सवाल इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि हाल ही में सम्पन्न हुए शीतकालीन सत्र के दौरान सीएम का महम विधायक बलराज कुण्डू को दिया गया आश्वासन महज एक जुमला ही साबित हो रहा है जबकि इसका सीधा असर प्रदेश की उन बेटियों के कैरियर पर पड़ रहा है जो हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर सिलेक्ट होकर भी नौकरी से बाहर हो रही हैं।
दरअसल, ये वे महिलाएं हैं, जिनकी शादी होने के बाद वे मायके से ससुराल आकर अपनी गृहस्थी बसा चुकी हैं लेकिन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ( HSSC ) उन्हें 5 अतिरिक्त नम्बरों की वेटेज देने से यह कहकर इनकार कर रहा है कि उनके मायके में भाई या पिता सरकारी नौकरी में हैं। बेशक, इन महिलाओं की ससुराल में पति या अन्य कोई भी पारिवारिक सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है तो कायदे से ऐसी तमाम महिला अभ्यर्थियों को पिता पक्ष की ओर से न जोड़कर ससुराल पक्ष से जोड़ा जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किये जाने का खामियाजा इन महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है।
विधायक बलराज कुण्डू ने महम निवासी सब इंस्पेक्टर की योग्यता रखने वाली महिला के मामले का उदाहरण देते हुए विधानसभा सत्र में इस मामले को जोरों से उठाया था। तब कुण्डू के सवालों पर जवाब देते हुए खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने न केवल सिस्टम की इस खामी को भरे सदन में स्वीकार किया था बल्कि ये भी आश्वासन दिया था कि इस गलती को ठीक कर लिया जाएगा और किसी महिला के साथ नाइंसाफी नहीं होगी लेकिन सीएम का यह कहना सिर्फ एक जुमला भर ही साबित हो रहा है।