संजीवनी अस्पताल से हटाए कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन

संजीवनी अस्पताल से हटाए कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन

हिसार रवि पथ :

कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए अस्थाई संजीवनी अस्पताल से हटाए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखने की मांग को लेकर सर्व कर्मचारी संघ के शिष्टमंडल ने सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपा,नौकरी पर वापिस रखने की मांग को लेकर दर दर भटक रहे हटाए गए कर्मचारी।

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बनाए गए अस्थाई संजीवनी अस्पताल से हटाए गए विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों ने आज सर्व कर्मचारी संघ जिला हिसार के शिष्टमंडल के नेतृत्व में सिविल सर्जन डॉ रत्ना भारती को ज्ञापन सौंपा जिसमें यह मांग की गई कि कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने के साथ संजीवनी हस्पताल के शुरू होने की दशा में हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर वापिस रखने में प्राथमिकता दी जाए।उक्त कर्मचारियों ने पिछले दिनों नौकरी से हटाए जाने पर कई दिनों तक सिविल सर्जन कार्यालय और लघु सचिवालय के समक्ष रोष प्रदर्शन कर नौकरी बहाली की मांग की थी।उस दौरान सिविल सर्जन डॉ रत्ना भारती ने यह आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया था कि यदि तीसरी लहर के दौरान संजीवनी हस्पताल में स्टाफ की आवश्यकता होगी तो हटाए गए स्टाफ को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी पर दोबारा रख लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी के संयोजक नूर मोहमद ने बताया कि विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों ने दूसरी लहर के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर विभाग द्वारा शुरू किए गए अस्थाई संजीवनी हस्पताल में अपनी सेवाएं प्रदान की थी परंतु उन्हें बिना कोई नोटिस या कारण बताएं नौकरी से निकाल दिया गया था।सर्व कर्मचारी संघ के शिष्टमंडल में ब्लॉक प्रधान सुरेंद्र मान,सह सचिव अशोक सैनी,वरिष्ठ उपप्रधान राजेश बागड़ी,स्वास्थ्य विभाग तालमेल कमेटी के संयोजक नूर मोहमद, एमपीएचई के ब्लाक प्रधान प्रदीप कुमार,चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ की वरिष्ठ उपप्रधान सोना देवी आदि सहित हटाए गए कर्मचारी शामिल रहे।