एचपीएससी घोटाले की जांच के लिए राष्ट्रपति को सौंपेंगे ज्ञापन: अभय सिंह चौटाला

एचपीएससी घोटाले की जांच के लिए राष्ट्रपति को सौंपेंगे ज्ञापन: अभय सिंह चौटाला

एचपीएससी को भंग करने की करेंगे मांग

सारे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की भी करेंगे मांग ताकि असली दोषियों के खिलाफ की जा सके कानूनी कार्रवाई

चंडीगढ़, 21 दिसम्बर  रवि पथ :

मंगलवार को प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि एचपीएससी को मुख्यमंत्री के निवास से चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री सदन में जिस तरह से एचपीएससी के चेयरमैन का पक्ष ले रहे थे उससे अपने आप को बचाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में घोटालों की जांच सरकारी एजेंसियों से करवाने पर हमें कोई उम्मीद नहीं है कि सरकार इसकी निष्पक्ष जांच करवाएगी और असली जो दोषी हैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी। इसके लिए इनेलो पार्टी की तरफ से महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन दिया जा चुका है।
एचपीएससी भर्ती घोटाला एक बेहद गंभीर मामला है इसके लिए हमारी पार्टी ने फैसला किया है कि राष्ट्रपति से समय मांग कर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे और एचपीएससी को भंग करने की मांग करेंगे। साथ ही सारे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की भी मांग करेंगे ताकि असली जो दोषी हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि इनेलो पार्टी की तरफ से विधान सभा में विश्वविधालयों में नौकरियों की भर्ती एचपीएससी और एचएसएससी द्वारा किए जाने के सराकर के फैसले के खिलाफ ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया गया था उसे बिना कोई कारण बताए नामंजूर कर दिया गया। हमने सपलीमैंटरी प्रश्र पूछे लेकिन मंत्री की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया जिससे साफ जाहिर होता है कि सरकार अपने गलत फैसले को छुपाना चाहती है।
मुख्यमंत्री कांग्रेस सराकार में 2013 में की गई एचसीएस भर्ती की बात करती है जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस ने अपने चहेतों को एचसीएस के पद पर लगाया हमने उसकी भी जांच की मांग की है।
विधान सभा सत्र में शून्यकाल के दौरान कोई भी सदस्य अपनी बात रख सकता है लेकिन स्पीकर ने मुझे सम्मान पेंशन और भूमि अधिग्रहण बिल जैसे अति महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने से यह कह कर रोक दिया कि उनका फैसला है कि जो सदस्य शून्यकाल में एक बार बोल चुका है उसे दोबारा बोलने का समय नहीं दिया जाएगा। सम्मान पेंशन चौधरी देवी लाल ने आय देखकर शुरू नहीं की थी। उन्होंने 60 साल उम्र के बुजुर्गों के लिए शुरू की थी। जिन लोगों ने यह सम्मान पेंशन 5100 रूपए करने के लिए वोट लिए वही आज इसको खत्म कर बुजुर्गों को पेंशन लेने से वंचित कर रहे हैं।
घोटालों की जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री पर भरोसा करने के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आज तक जितने भी घोटाले हुए हैं उनमें किसी एक मामले में भी असली दोषी को नहीं पकड़ा गया है बस जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है और सरकार में बैठे बड़े रसूखदार जो असली दोषी हैं, उन्हें बचाया जा रहा है। उन्होंने शराब घोटाले, रजिस्ट्री घोटाले और दवाई खरीद जैसे घोटालों का जिक्र करते हुए कहा कि सभी की जांच में रिजल्ट जीरो रहा है।