करनाल के बीबीपुर जाटान के उभरते गायक शाइन सैनी को मिला एक्सीलेंस अवार्ड , गाँव की मिट्टी से निकलकर दी नयी पहचान।

करनाल के बीबीपुर जाटान के उभरते गायक शाइन सैनी को मिला एक्सीलेंस अवार्ड , गाँव की मिट्टी से निकलकर दी नयी पहचान।

करनाल , 16 जुलाई  रवि पथ :

“मेरी निक्की निक्की गल तू पूगा देना ऐ .’ जित्थे कहाँ ओत्थे तू घुमा देना ए “ये बोल एक सामान्य परिवार से निकले बीबीपुर जाटान के नए उभरते गायक शाइन सैनी के हैं। शाइन को संगीत और गायकी विरासत में मिली है, यही कारण है कि वह आज लगातार गायकी के क्षेत्र में नए मुकाम हासिल करता जा रहा है। शाइन की प्रतिभा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें विशेष रुप से सम्मानित किया है। यही नहीं केशव प्रसाद मौर्य ने शाइन सैनी को अपने आवास पर मिलने का न्योता भी दिया है। यूं तो शाइन सैनी अभी गायन के क्षेत्र में उभरता हुआ सितारा है लेकिन उसकी अनेक एल्बम ने अभी से गीत संगीत के क्षेत्र में अपनी धाक जमा ली है। शाइन के अब तक चार गाने रिलीज हो चुके है। वह हरियाणवी से लेकर पंजाबी एल्बम में अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर चुका है। उसका मकसद आने वाले समय में हरियाणा का नाम गायन के क्षेत्र में देश ही नहीं विश्व पटल पर रोशन करने का है। शाइन सैनी हरियाणा लोक संपर्क विभाग में वरिष्ठ कलाकार एवं गायक हिशम सिंह सैनी के पुत्र हैं और उनके दादा जुगलाल सैनी को आल्हा ऊदल के सभी चंबोले मुंह जुबानी याद थे। एक विशेष मुलाकात में उन्होंने बताया कि गायकी उनका पैशन है। गायन के क्षेत्र में एमए करने के बाद उन्होंने एम फिल किया है। शाइन ने कहा कि हरियाणा कला की भूमि है और इसने पंडित लख्मीचंद , मांगे राम ,रूप चंद , मेहर सिंह जैसे अनेक महान कलाकारों को जन्म दिया है। यही नहीं हरियाणा से निकले अनेक युवा कलाकार जिनमें गायक डांसर और अन्य विधाओं में महारत हासिल है आज बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनको गाने का शौक बचपन से है। वह अब तक अनेक स्टेज शो पर अपने गायन का जलवा बिखेर चुके हैं। कुरुक्षेत्र के संगीत गुरु श्रीखंडे से शिक्षा लेने वाले शाइन सैनी बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम और  हरिहरन को अपना आदर्श मानते है। उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर एव्वी रिकोर्ड कंपनी शुरू की। इसी कंपनी से उन्होंने श्रोताओं के सामने अपना पहला ट्रेक गाया, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। शाइन ने कहा कि वह कॉलेज के बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पढे़। उनका पैतृक गांव इंद्री खंड में बीबीपुर जाटान है। वह हरियाणा के उन चंद गायकों में से एक हैं, जो कई भाषाओं में गा सकते हैं। शाइन संगीत जगत के सबसे बड़े ‘ग्रेमी अवार्ड’ को पाने की चाहत रखते हैं। फिलहाल शाइन सैनी अपनी गायकी को धार देने के लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं और उस समय की इंतजार में है जब उनका सितारा गायकी के आसमान में अपनी छटा बिखेरेगा।