भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार के दावों को बताया खोखला,हकीकत दावों से विपरित

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार के दावों को बताया खोखला,हकीकत दावों से विपरित

गठबंधन सरकार के 600 दिन पूरे होने पर दी प्रतिक्रिया
कहा- बीजेपी-जेजेपी सरकार में वो सब हुआ, जो नहीं होना चाहिए था

इस सरकार के दौरान अपराध, बेरोजगारी और घोटालों में टॉप पर पहुंचा हरियाणा- हुड्डा

कर्ज, बेरोजगारी, अपराध और घोटालों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड- हुड्डा

सिर्फ टाइमपास करने को ही उपलब्धि मान रही है गठबंधन सरकार- हुड्डा

ये हरियाणा के इतिहास की सबसे अलोकप्रिय सरकार है- हुड्डा

17 जून,  रवि पथ :

मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी-जेजेपी सरकार के 600 दिन पूरे होने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सरकार के दावों को खोखला बताते हुए कहा कि हकीकत दावों से विपरित है । बीजेपी – जे जे पी सरकार में वो सब कुछ हुआ है जो नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जितनी ज्यादा बेरोजगारी इस गठबंधन सरकार में हुई, वो हरियाणा के इतिहास में कभी नहीं देखी गई। इस सरकार ने प्रदेश को बेरोजगारी के मामले में पूरे देश में सबसे ऊपर पहुंचा दिया। सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश का हर तीसरा व्यक्ति बेरोजगार है। क्योंकि इस सरकार ने भर्ती से ज्यादा कर्मचारियों की छटनी पर जोर दिया। युवाओं को नौकरियां देने की बजाए, कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की नीति को अपनाया। सरकार पूरे कार्यकाल में भर्तियों के विज्ञापन जारी करने और फिर उन्हें रद्द करने के खेल में लगी रही। इस सरकार ने पक्की भर्तियां करने की बजाए ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया, जो युवाओं के शोषण और भ्रष्टाचार का साधन बनी हुई है। कर्मचारियों को सुविधाएं देने की बजाए उनका डीए बंद करने का काम किया।

प्रदेश के इतिहास में इतना अपराध कभी नहीं बढ़ा, जितना बीजेपी-जेजेपी सरकार में बढ़ गया। खुद सरकारी आंकड़ें इसकी गवाही दे रहे हैं। एनसीआरबी के आंकड़ो के बाद नीति आयोग की रिपोर्ट में स्पष्ट हो चुका है कि हरियाणा में कानून व्यवस्था का दिवालिया पिट चुका है।

इस सरकार ने हत्या, बलात्कार, चोरी, लूट, डकैती, फिरौती, अपहरण के मामले में हरियाणा को देश के टॉप राज्यों में पहुंचा दिया है। अपराध और बेरोजगारी के बाद मौजूदा सरकार ने घोटालों के भी सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। प्रदेश के इतिहास में इतने घोटाले कभी नहीं हुए, जितने बीजेपी-जेजेपी सरकार में हो रहे हैं। सामान्य दिनों में अनगिनत घोटालों के बाद, महामारी के दौर में भी इस सरकार में धान, शराब और रजिस्ट्री जैसे घोटालों को अंजाम दिया गया। कई बड़े खुलासे होने के बाद किसी पर कार्रवाई करने की बजाए सरकार ने खुद की जांच रिपोर्ट को भी टेबल के नीचे दबा दिया।

हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के इतिहास में कभी इतना बड़ा किसान आंदोलन नहीं हुआ, जैसा इस सरकार के दौरान हो रहा है। इस आंदोलन के दौरान बीजेपी-जेजेपी गठबंधन देश की सबसे बड़ी किसान विरोधी सरकार बनकर उभरा है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि सैंकड़ों किसानों की शहादत के बावजूद प्रदेश सरकार किसानों की बजाए 3 कृषि कानूनों की वकालत कर रहे हैं।

हुड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि पेट्रोल-डीजल के दाम। इस सरकार के दौरान तेल के जितने रेट बढ़े हैं, वो हरियाणा के इतिहास में कभी नहीं बढ़े। मंदी और महामारी के दौर में भी सरकार जनता पर टैक्स की मार मारने में जुटी है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर जनता पर महंगाई की मार मारी जा रही है।

इसी सरकार के दौरान हरियाणा ने वो दर्दनाक मंजर देखा, जो हरियाणा में कभी देखने को नहीं मिला। लोग इलाज, दवाई, हॉस्पिटल बेड और ऑक्सीजन के मारे-मारे घूम रहे थे और सरकार चैन से सो रही थी।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा पर इतना कर्ज कभी नहीं बढ़ा जितना बीजेपी सरकार के दौरान बढ़ा है। आजतक की सारी सरकारों ने जितना कर्ज लिया, उसका लगभग चार गुना अकेले बीजेपी सरकार कर्ज ले चुकी है। इस सरकार ने प्रदेशवासियों को सिर से लेकर पैर तक कर्ज में डुबो दिया है। प्रदेश पर सवा दो लाख करोड़ के करीब कर्ज हो चुका है जबकि इस सरकार के पूरे कार्यकाल में कोई बड़ी परियोजना, बड़ा संस्थान या उद्योग हरियाणा में स्थापित नहीं हुआ।

हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में जो हरियाणा विकास, प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, खिलाड़ियों के सम्मान, रोजगार देने और खुशहाली के तमाम पैमानों पर सबसे आगे होता था, उसे मौजूदा सरकार ने तमाम पैमानों पर सबसे पीछे धकेल दिया है। ये प्रदेश के इतिहास की सबसे अलोकप्रिय सरकार है। ये सरकार सिर्फ टाइमपास करने को ही उपलब्धि मान रही है। खुशहाली के हर पैमाने पर प्रदेश को पीछे धकेलने को विकास समझ रही है और विफलताओं के रिकॉर्ड को ही सफलता बताकर प्रचारित करने में लगी है। काम करने की बजाए ये सरकार सिर्फ इवेंटबाजी में माहिर है। ये इतिहास की पहली ऐसी गठबंधन सरकार है जो 600 दिनों में भी अपना कॉमन मिनिमम प्रोग्राम जारी नहीं कर पाई।