नेशनल चैम्पियनशिप के अगले राउंड में पहुंची हिसार की स्वीटी बूरा

नेशनल चैम्पियनशिप के अगले राउंड में पहुंची हिसार की स्वीटी बूरा

हिसार 24 अक्तूबर  रवि पथ :

पांचवी एलीट वुमन नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप के चौथे दिन इंटरनेशनल बॉक्सर हरियाणा की टीम में खेल रही हिसार की स्वीटी बूरा ने कड़ी टक्कर में ऑल इंडिया पुलिस की टीम से खेल रही भावना को 70-75 किलोग्राम भार वर्ग में हराकर मुकाबले से बाहर कर दिया। सेंट जोसेफ  इंटरनेशनल स्कूल में चल रही इस राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के चौथे दिन 56 मुकाबलों का शेड्यूल रहा जिसमें कई इंटरनेशनल और नेशनल बॉक्स में अपना दमखम दिखाया। कई खिलाडिय़ों के मुकाबले तीन राउंड तक चले खिलाडिय़ों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी और तीसरे राउंड के बाद परिणाम की घोषणा की गई, वही बहुत से मुकाबले ऐसे रहे जिसमें एक बॉक्सर ने दूसरे को एकतरफा मुकाबले में हरा दिया। कमजोर बॉक्सर के कारण बहुत से मुकाबले बीच में भी रोकने पड़े। अन्य परिणामों में दिल्ली की लक्ष्मी ने 45-48 भार वर्ग में झारखंड की खुशबू कुमारी को 5-0 अंकों से हराया। मनीपुर की अशलता हुईनिंगशुंबम ने यूपी की शिल्पा यादव को 5-0 से हराकर मुकाबले से बाहर कर दिया। इसी भार वर्ग में वेस्ट बंगाल की पूर्बी करमाकर को हरियाणा की नीतू ने एक तरफा मुकाबले में हरा दिया। आसाम की अमीश कुमार भारती ने इसी भार वर्ग में आंध्र प्रदेश की ज्योथी गोरली को 1 के मुकाबले 4 अंकों से हराया।  60-63 भार वर्ग में एमपी की मंजू बंबोरिया ने मिजोरम की अबिसाक को हराया। चौथे दिन कुल 56 मुकाबलों में से 32 मुकाबले एकतरफा रहे और इसमें बॉक्सर अपनी दूसरी प्रतिद्वंद्वी को अधिक चुनौती नहीं दे पायी। इन मुकाबलों को रेफरी ने बीच में ही रोक दिया और दमदार मुक्केबाज को विजेता घोषित किया। कुल 5 मुकाबलों में एक खिलाड़ी के न पहुंचने के कारण वॉकऑवर के चलते दूसरी खिलाड़ी को विजेता घोषित किया गया।
इस तरह अन्य मुकाबलों में रेलवे की मंजू रानी ने उत्तराखंड की सोभा कहाली को 5-0 से हराया। 45-48 भार वर्ग में सिक्किम की सुषमा तमांग को पंजाब की मिनाक्षी ने आसानी से हरा दिया। रेफरी ने मुकाबला बीच में रोक कर मिनाक्षी को विजेता घोषित कर दिया। गुजरात की शीतल दतानिया भी आर.ऐ.सी. के कारण तमिलनाडू की एस. कालाइवानी से हार गयी। हिमाचल की ज्योतिका बिष्ठ ने अरुणाचल प्रदेश की यारो माइंग को एक तरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। गुजरात की जाह्नवी शाह 60-63 किलोग्राम भार वर्ग में मनीपुर की मेनका निंझताउजम को चुनौती पेश नहीं कर पायी। रेफरी ने इस मुकाबले को भी बीच में रोकर मेनका को विजेता घोषित किया। दिल्ली की बड़ी खिलाड़ी 63-66 भार वर्ग की अंजली तुशिर ने हिमाचल की शिवांगी ठाकुर को हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया। शिवांगी अंजली के सामने कमजोर रही और रेफरी ने मुकाबला बीच में रोकर अंजली को विजयी घोषित किया। वल्र्ड यूथ चैम्पियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट राजस्थान की अरुणधिति ने भी तमिलानाडू की पी. संध्या को आसानी से हराकर अगले राउंड में प्रवेश किया।
चौथे दिन रविवार के मुकाबलों के दौरान हिसार की सिविल सर्जन डॉ रत्ना भारती मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची, वहीं बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट राजेश भंडारी विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ रत्ना भारती ने कहा की कोरोना काल की वजह से खिलाड़ियों को भी काफी सहन करना पड़ा और वह अपनी प्रैक्टिस सही तरीके से नहीं कर पाए, मगर इसके बावजूद यहां हो रही है इस चैंपियनशिप में खिलाड़ी अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। लड़कियों को इस तरीके से आगे बढ़ते हुए देखकर काफी खुशी होती है, लड़कियां आज हर फील्ड में यह साबित कर रही हैं जो किसी से कम नहीं है और अब उनके साथ भी बात बराबरी की होनी चाहिए
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट राजेश भंडारी ने कहा कि हिसार में अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर वह सेंट जोसेफ इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक अनिल मान ने इच्छा जाहिर की थी कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता हिसार में होनी चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ये प्रतियोगिता हिसार में करवाई गई है और हिसार में इसके लिए काफी अच्छा इंतजाम किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा मुक्केबाजी में पूरे देश में नंबर वन है और इसके अलावा दूसरी स्टेट्स भी काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। प्रोफेशन बॉक्सिंग को लेकर उन्होंने कहा की बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से प्रोफेशनल बॉक्सिंग से बढ़ावा देने के लिए पहली बॉक्सिंग लीग करवाई जा चुकी है और जल्द ही दूसरी लीग की भी घोषणा कर दी जाएगी। प्रतियोगिता के ऑर्गेनाइजिंग प्रेसिडेंट और सेंट जोसेफ इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक अनिल मान ने कहा कि हिसार में चल रही राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों का  बहुत अच्छा रुझान देखने को मिल रहा है। बॉक्सिंग को लेकर बहुत अच्छा माहौल हिसार के अंदर बना हुआ है। नए सीखने वाले खिलाड़ी और खेल का शौक रखने वाले युवा प्रतियोगिता में लगातार आ रहे हैं और खिलाड़ियों को देखकर उत्साह से भरे हुए हैं।
प्रतियोगिता के चौथे दिन रविवार को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता व खेल रत्न अवार्डी विजेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर में अर्जुन अवॉर्डी जय भगवान और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाले अखिल बॉक्सर भी प्रतियोगिता के खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करने के लिए हिसार पहुंचे। यहां उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान विजेंद्र सिंह ने कहा किसी भी खेल की तैयारी के लिए मैच खेलना बहुत जरूरी है। खिलाड़ी जितनी फाइट करेंगे वह उतना अच्छा खेल पाएंगे। देश में बॉक्सिंग की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि देश के खिलाड़ी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं बहुत अच्छा खेल रहे हैं और ऐसे ही और जी जान से तैयारियां करते रहे ओलंपिक में पदकों की संख्या बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने यह भी कहा देश में प्रोफेशनल बॉक्सिंग का भविष्य है। अर्जुन अवॉर्डी जय भगवान ने कहा कि हिसार में इतने बड़े स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन देखकर काफी खुशी महसूस होती है इस प्रतियोगिता में बहुत से अंतरराष्ट्रीय राष्ट्रीय खिलाड़ी भाग ले रहे हैं हिसार जैसे शहर में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन के यहां के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का काम करेगा। अखिल बॉक्सर ने कहा कि खिलाड़ियों को डिसिप्लिन और डेडीकेशन के साथ खेलना चाहिए और अपना 100% देने की कोशिश करनी चाहिए।
हिसार के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी हरियाणा  की टीम से खेलने वाली स्वीटी पुराने अपना बाउट जीतने के बाद बोली कि आज के दौर में कंपटीशन बढ़ चुका है और आगे बढ़ना पहले जितना आसान नहीं रहा है। इसके बावजूद उसने एशियन गेम और ओलंपिक की तैयारियां शुरू कर दी हैं और वो चाहती हैं कि अगले एशियन गेम और ओलंपिक में देश का नाम रोशन करें। अपने होम टाउन में हो रही चैंपियनशिप को लेकर स्वीटी ने कहा कि बहुत बार ऐसा होता था कि उसके माता पिता उसका मैच नहीं देख पाते थे, मगर हिसार में मैच होने की वजह से अब उसके परिवार वाले भी मैच देख पा रहे हैं और उसका हौसला बढ़ा रहे हैं।
इस मौके पर राजस्थान के कोटा निवासी अरुंधति चौधरी ने अपना मैच जीतने के बाद कहा कि पेरिस ओलंपिक उनका सपना है। उससे पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में वह गोल्ड लेकर देश का नाम रोशन करना चाहेगी। उन्होंने बताया कि बॉक्सिंग खेलने से पहले वह बॉस्केटबॉल खेला करती थी लेकिन उनके पिता ने कहा की टीम खेल के बजाय व्यक्तिगत खेल खेलना चाहिए उसी के बाद वह बॉक्सिंग की लाइन में आई और यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीता।