पूरी तरह से पॉलिटिकल एजेंडा है धर्मांतरण निषेध बिल-एडवोकेट खोवाल

पूरी तरह से पॉलिटिकल एजेंडा है धर्मांतरण निषेध बिल-एडवोकेट खोवाल

हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट ने बैठक कर जताया रोष

धर्मांतरण पर पहले से ही कानून है तो अब क्या औचित्य-एडवोकेट खोवाल

हिसार, 24 मार्च रवि पथ :

हरियाणा कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट ने विधानसभा में हाल ही में पारित किए गए धर्मांतरण निषेध बिल-2022 को पूरी तरह से पॉलिटिकल एजेंडा करार दिया है। इस मुद्दे को लेकर डिपार्टमेंट की एक आपात बैठक कोर्ट कांम्पलेक्स में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता डिपार्टमेंट के जिलाध्यक्ष रतन पानू ने की, वहीं प्रदेश चेयरमैन एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल विशेष तौर पर उपस्थित रहे।
बैठक में धर्मांतरण निषेध बिल पर चर्चा करते हुए एडवोकेट खोवाल ने कहा कि हरियाणा में सभी धर्मों के लोग रहते हैं। ऐसे में भाजपा-जजपा गठबंधन द्वारा लाया गया यह बिल लोगों में सामाजिक भेदभाव पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति हमेशा से ही बांटने की रही है ताकि लोग एकजुट होकर उनकी जनविरोधी नीतियों का विरोध न करे। एडवोकेट खोवाल ने कहा कि हरियाणा गठन के बाद 1966 से लेकर अब तक प्रदेश में जबरन धर्मांतरण कराने का ऐसा कोई मामला नहीं आया। उन्होंने कहा कि इससे समाज टूटेगा और दो समुदायों के बीच विवाद अधिक बढ़ेंगे। एडवोकेट खोवाल ने कहा कि जब इस संबंध में पहले ही कानून है तो ऐसी क्या जरूरत आन पड़ी कि विधानसभा में नया कानून लाया गया। उन्होंने आशंका जताई कि उक्त बिल में पावर मिसयूज होगी। ये गठबंधन सरकार का पूरी तरह से पॉलिटिकल एजेंडा है।
खुद को बेगुनाह साबित करना ही सबसे बड़ी खामी
एडवोकेट खोवाल ने कहा कि इस कानून की सबसे बड़ी खामी यही है कि जिसके खिलाफ धोखे से या जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया जाएगा, उसे खुद को बेगुनाह साबित करने की जिम्मेदारी खुद उठानी पड़ेगी, जबकि भारतीय कानून में सैंद्धांतिक रूप से ऐसे प्रमाण देने की जिम्मेदारी दावा करने वालों की होती है। ऐसे में कानून का गलत इस्तेमाल होगा और लोग इसका गलत फायदा उठाएंगे। उन्होंने मांग की कि इस विधेयक पर तत्काल रोक लगाई जाए ताकि लोगों में आपसी टकराव न हो और प्रदेश की शांति कायम रह सके।
बॉक्स- ये रहे उपस्थित
बैठक में जिलाध्यक्ष रतन पानू, प्रदेश सचिव राज कपूर बामल, प्रदेश सचिव श्वेता शर्मा एडवोकेट, प्रदेश सचिव कुलंवत सिंह सैनी, राजेश कुमार परमार,विपिन सलेमगढ़, गौरव टुटेजा, बलबीर कटारिया, सतीश शर्मा, पवन बसेर, प्रवीन ललित, सोनू राघव, देवेंद्र सरोहा, आकाश कुमार, पवन वर्मा, सुशील दहिया, सतीश, टिकासरा,साहिल लडूना सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।