कोरोना काल के दौरान चार महीने की बिजली की सिक्योरिटी को 1 साल के लिए किया गया है डेफर-बिजली मंत्री

कोरोना काल के दौरान चार महीने की बिजली की सिक्योरिटी को 1 साल के लिए किया गया है डेफर-बिजली मंत्री

जब तक कोरोना काल है अर्थात लोकडॉन अवधि तक बिजली का कोई सरचार्ज नहीं लिया जाएगा- रणजीत सिंह

जल्द ही खराब खंभों व तारों को बदला जाएगा-बिजली मंत्री

चंडीगढ़, 25 मई रवि पथ : 

हरियाणा के बिजली मंत्री श्री रणजीत सिंह ने कहा कि कोरोना काल के दौरान चार महीने की बिजली की सिक्योरिटी को 1 साल के लिए डेफर किया गया है और जब तक कोरोना काल है अर्थात लोकडॉन अवधि तक बिजली का कोई सरचार्ज भी नहीं लिया जाएगा।

बिजली मंत्री आज यहां एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में ज्यादातर गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है और मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई “म्हारा गांव – जगमग गांव” योजना के तहत अब हरियाणा के लगभग 5300 गांव में बिजली दी जा रही है।

बिजली मंत्री ने बताया कि बिजली चोरी को रोकने के लिए विभाग द्वारा पिछले दिनों 236 टीमें गठित की गई जिसमें 1700 लोगों को शामिल किया गया और इन टीमों ने उद्योगों, गेस्ट हाउस, रिजॉर्ट, मॉल और ईट-भट्टों में छापामारी की जिसके तहत 2600 बिजली के मामले दर्ज किए गए और इसकी वजह से 1 महीने में ही बिजली का राजस्व 536 करोड रुपए अधिक आया।

श्री रणजीत सिंह ने बताया कि इसी प्रकार मकानों के ऊपर से और स्कूलों के ऊपर से जा रहे बिजली के तारों को भी हटाने का काम चल रहा है और अगस्त माह तक इन तारों को हटा दिया जाएगा जिस पर लगभग 96 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे ही, बिजली विभाग ने 8000 बिजली के खंबे खरीदे हैं और यह सभी खंबे लंबी ऊंचाई वाले हैं और जल्द ही खराब खंभों को बदला जाएगा। इसी प्रकार, अगस्त माह तक सभी पुरानी तारों को भी बदलने का काम पूरा कर लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जहां तक स्मार्ट मीटर की बात है अभी वर्तमान में विभाग ने 10 लाख स्मार्ट मीटर खरीदे हैं जिनमें से 2 लाख 75 हज़ार स्मार्ट मीटर गुड़गांव, फरीदाबाद, करनाल और पंचकूला में स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, जल्द ही 20 लाख और स्मार्ट मीटर विभाग खरीदने जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन स्मार्ट मीटर्स में बहुत ज्यादा पारदर्शिता है। उन्होंने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में दो-दो बिंदुओं पर बिजली के ओपन दरबार लगाये जा रहे है ताकि बिजली से संबंधित आई शिकायतों का निवारण किया जा सके।