भाजपा गठबंधन सरकार किसानों को परेशान करने की मंशा से बिजली नहीं दे रही: अभय सिंह चौटाला

भाजपा गठबंधन सरकार किसानों को परेशान करने की मंशा से बिजली नहीं दे रही: अभय सिंह चौटाला

आज हालात यह हैं कि गांवों में 10 से 12 घंटे के लंबे लंबे कट लगाए जा रहे हैं जिससे गावंवासियों का जीना दूभर हो गया है

गेहूं की कटाई के बाद आगे धान और नरमा-कपास की बिजाई के लिए बिजली की मांग और बढ़ेगी

किसानों को फसल की बुआई के समय बिजली का संकट न हो उसके लिए सरकार को कहीं से भी बिजली खरीदनी पड़े, उसका पहले से ही प्रबंध करे

सरकारी बिजली की तारों के कारण शॉर्ट सर्किट से लगी आग से जली फसलों का मुआवजा भी दे सरकार

चंडीगढ़, 13 अप्रैल रवि पथ :

इनेलो प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश में गहराए बिजली संकट पर कहा कि भाजपा गठबंधन सरकार किसानों को परेशान करने की मंशा से ग्रामीण इलाकों में बिजली नहीं दे रही है। भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण ही यह संकट के दिन देखने को मिल रहे हैं। यह जगजाहिर है कि हर साल गर्मियों में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है वैसे-वैसे बिजली की खपत बढ़ती है लेकिन भाजपा गठबंधन सरकार बिजली का उत्पादन बढ़ाने की बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
भाजपा सरकार के कुप्रबंधन के कारण हिसार स्थित खेदड़ थर्मल प्लांट, पानीपत थर्मल प्लांट और झाड़ली के पावर प्लांट की तीन यूनिटें बंद पड़ी हैं। इस समय प्रदेश में बिजली की मांग 7600 मेगावाट से भी अधिक पहुंच गई है जिसके मुकाबले आपूर्ति सिर्फ छह हजार मैगावाट ही हो रही है। आज हालात यह हैं कि गावों में 10 से 12 घंटे के लंबे लंबे कट लगाए जा रहे हैं जिससे गावं वासियों का जीना दूभर हो गया है। वहीं शहर वासियों को भी शहरों में दो से चार घंटे तक के बिजली के कट सहन करने पड़ रहे हैं।
गेहूं की कटाई के बाद आगे धान और नरमा-कपास की बिजाई के लिए बिजली की मांग और बढ़ेगी। किसानों को फसल की बुआई के समय बिजली का संकट न हो उसके लिए सरकार को कहीं से भी बिजली खरीदनी पड़े, उसका पहले से ही प्रबंध करे। एकदम से गर्मी बढऩे की वजह से अबकी बार प्रति एकड़ पांच क्विंटल गेहूं की पैदावार कम हुई है। जिस कारण किसान को लगभग 10 हजार रूपए प्रति एकड़ का नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार किसानों को 500 रूपए प्रति क्विंटल बोनस देना सुनिश्चित करे। खेतों के ऊपर से गुजर रही सरकारी बिजली की तारों के कारण शॉर्ट सर्किट से लगी आग से जली फसलों का मुआवजा भी दे सरकार। आज के समय में किसानों के जितने भी ट्यूबवैल के कनैक्शन लंबित पड़े हैं उनको तुरंत जारी करे और मोटर खरीदने की शर्तों को वापिस ले ताकि किसान अपनी मर्जी से मोटर खरीद सके।