सडीएम की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय मैनुअल स्कैवेंजिंग सतर्कता कमेटी की बैठक आयोजित।

सडीएम की अध्यक्षता में उपमंडल स्तरीय मैनुअल स्कैवेंजिंग सतर्कता कमेटी की बैठक आयोजित।

हांसी, 17 सितंबर  रवि पथ :

एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह अहलावत की अध्यक्षता में उपमंडल कार्यालय में त्रैमासिक मैनुअल स्कैवेंजिंग सतर्कता कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया । बैठक में निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। तहसील कल्याण अधिकारी डॉ रजनी नारंग द्वारा मैनुअल स्कैवेंजिंग से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की गई ।
एसडीएम ने समिति के अधिकारियों को मैन्युअल स्कैवेंजिंग अधिनियम के सभी प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करने की दिशा में जरूरी निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि यह अधिनियम स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई को निषेध करता है तथा ऐसी कंपनी/संस्थाएं जो यह कार्य करवाती हंै, वे इस अधिनियम की धारा 23(1) के तहत दोषी मानी जाएगी। इस अधिनियम के तहत अपराध गैर जमानती होता है तथा सेक्शन 6 के तहत 2 साल की जेल हो सकती है। एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह अहलावत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यदि किसी सफाई कर्मचारी की सीवर सफाई के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उसके आश्रितों को 10 लाख की वित्तीय सहायता दी जाती है। हांसी के अंदर सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई करते हुए किसी भी कर्मचारी की अभी तक कोई मृत्यु नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई भी कर्मचारी बिना सेफ्टी किट के सीवर की सफाई करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित कर्मचारी/ठेकेदार के खिलाफ एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने तहसील कल्याण अधिकारी तथा जन स्वास्थ्य अधिकारी को आदेश दिए कि सफाई कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण हेतु समय-समय पर कैंप लगवाए जाएं और सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच भी करवाई जाए। सफाई कार्य में लगे हुए कर्मचारियों के लिए जरूरी सुरक्षा औजार उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाए।
इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी जन स्वास्थ्य विभाग के जेई दीपक कुमार, एमसी वार्ड नंबर 14 के प्रतिनिधि ओमप्रकाश मजोका, सामाजिक कार्यकर्ता जय वीर सिंह, सफाई कर्मचारी अजय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।