जिला स्तरीय क्लीयरेंस कमेटी की बैठक आयोजित

जिला स्तरीय क्लीयरेंस कमेटी की बैठक आयोजित

हिसार, 26 मार्च  रवि पथ :

उद्यम प्रोत्साहन नीति के तहत गठित डीएलसीसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल क्लीयरेंस कमेटी) की 51वीं जिला स्तरीय समीक्षा बैठक उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान इन्वेस्ट हरियाणा ई-बीज पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों को लेकर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे एनओसी व अन्य स्वीकृति के लिए उद्यमियों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों का निपटान निर्धारित अवधि में करें। उन्होंने कहा कि आवेदन के पश्चात सभी प्रकार की स्वीकृतियां एक ही छत के नीचे उपलब्ध करवाने के लिए डीएलसीसी का गठन किया गया है। इसलिए आवेदनों के निष्पादन में बेवजह की देरी न की जाए।
बैठक में उपायुक्त को अवगत करवाया गया कि विभिन्न विभागों के स्तर पर 46 सेवाएं 30 दिन अधिक समय से लंबित हैं। इनमें 10 सेवाएं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम तथा 4 सेवाएं हरियाणा राज्य प्रदुषण नियंत्रक बोर्ड के स्तर पर लंबित हैं। इसके अतिरिक्त टावर लगाने संबंधी 2 सेवाएं एचएसवीपी, 11 सेवाएं पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, 4 सेवाएं नगर निगम हिसार, 3 सेवाएं नगर परिषद हांसी, 6 सेवाएं बरवाला, उकलाना व नारनौंद नगरपालिका तथा 6 सेवाएं जिला विकास एवं पंचायत विभाग के स्तर पर लंबित हैं।

इस पर उपायुक्त ने कहा कि शहर में मोबाइल टावर लगाने के आवेदनों के संबंध में यदि सरकार की नीति के अनुसार सभी निर्धारित नियम व शर्तें पूरी की जाती हैं, तो मोबाइल टावर लगाने की अनुमति में बेवजह की देरी न की जाए। उपायुक्त ने विभिन्न कार्यालयों द्वारा उद्यमों को मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने ईज ऑफ डूइंग के तहत उद्योगों की स्थापना व संचालन में गैर-जरूरी औपचारिकताओं को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग उद्यमियों को कम से कम समय में तथा बाधारहित सेवाएं उपलब्ध करवाते हुए उद्योगों की स्थापना व संचालन में अपना सहयोग करें।