वृद्धावस्था सम्मान भत्ता काटकर बुजुर्गों का अपमान कर रही गठबंधन सरकार: डॉ. अशोक तंवर

वृद्धावस्था सम्मान भत्ता काटकर बुजुर्गों का अपमान कर रही गठबंधन सरकार: डॉ. अशोक तंवर

कहा, गलत नीतियों से सभी वर्ग सडक़ों पर
बोले तंवर, नए कानूनों की आड़ में लोगों पर कर रही अत्याचार

सिरसा, 28 दिसंबर रवि पथ :

पूर्व सांसद व अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि परिवार पहचान पत्र की आड़ में राज्य की गठबंधन सरकार वृद्धावस्था सम्मान भत्ता काटकर बुजुर्गों का अपमान कर रही है। वे मंगलवार को अपने सिरसा आवास पर लोगों से रूबरू हो रहे थे।
डॉ. तंवर ने कहा कि उनसे अनेक बुजुर्गों ने आकर शिकायत की है कि परिवार पहचान पत्र में अलग अलग कानून बनाकर उनकी पेंशन काटकर उन्हें संकट में डाला जा रहा है। पूर्व सांसद ने कहा कि प्रदेशभर में अनेक बुजुर्गों के जीवन यापन का केवल यही सम्मान भत्ता पेंशन थी, जिसे सरकार ने अपने स्तर पर कानून बनाकर काट दी है जिससे उनकी रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।
डॉ. तंवर ने कहा कि जब देश की सरकार ने आधार कार्ड बनाकर व्यक्तियों को उसकी पहचान दी है तो फिर परिवार पहचान पत्र का औचित्य क्या है? सरकार की मंशा पीपीपी आईडी की आड़ में लोगों की पेंशन व राशन बंद करने की है। तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार अपनी वाहवाही लूटने के उद्देश्य से विज्ञापनों पर हजारों करोड़ खर्च कर रही है मगर गरीबों व जरूरतमंद लोगों के लिए पूर्व में आरंभ की गई योजनाओं को तेजी से नए कानूनों की आड़ में बंदकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि वर्तमान गठबंधन सरकार की गलत नीतियों का ही असर है कि आज हरियाणा में किसान, कर्मचारी, व्यापारी, युवा, महिला व तमाम वर्ग पुरी तरह से तंग है और सडक़ों पर हैं। उन्होंने कहा कि न तो स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक हैं, न अस्पतालों में चिकित्सक व दवाएं और न ही युवाओं के सुखद भविष्य के लिए रोजगार की स्थाई योजना। ऐेसे में हरियाणा विकास की बजाए विनाश के कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पहले किसानों पर अत्याचार किया, गरीबों पर किया और अब चिकित्सकों पर जुल्म ढहा रही है। यदि चिकित्सकों के साथ ही अमानवीय व्यवहार किया गया तो ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरों के बीच मरीजों का उपचार कौन करेगा?