रबी सीजन के लिए प्रदेश में 3 लाख मी.टन डीएपी एलोकेट हो चुकी है: जेपी दलाल

रबी सीजन के लिए प्रदेश में 3 लाख मी.टन डीएपी एलोकेट हो चुकी है: जेपी दलाल

प्रदेशभर में डीएपी की कोई कमी नहीं और गेहंू की बिजाई के समय भी खाद की कमी नहीं रहेगी

प्रदेश के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने सरकार के सात साल-सात कमाल कार्यक्रम के तहत पत्रकारों को किया संबोधित

भिवानी, 23 अक्टूबर  रवि पथ :

प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा है कि प्रदेश में डीएपी की कोई कमी नहीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रबी सीजन के लिए तीन लाख मी.टन यानि 60 लाख बैग डीएपी एलोकेट हो चुकी है, पिछले पांच सालों की एवरेज से 20 प्रतिशत अधिक है। सरकार किसानों को जोखिम फ्री बनाने के लिए निरंतर ठोस योजनाएं लागू कर रही है। विपक्ष किसानों के नाम पर राजनीति कर रहा है, जिसे किसान व आमजन जान चुका है। उन्होंने को देश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सुरक्षित है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे जरूरत के अनुसार ही डीएपी व अन्य रासायनिक खाद खरीदें। किसान आगामी फसलों के लिए अभी से खाद का स्टॉक न करें। उन्होंने कहा कि नवंबर और दिसंबर माह के दौरान में फसल बिजाई में किसानों के समक्ष डीएपी व यूरिया की कमी नहीं रहेगी।
कृषि मंत्री श्री स्थानीय लोक निर्माण विश्राम गृह में सरकार के सात साल-सात कमाल कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार द्वारा करवाए गए विकास कार्यों पर विस्तार से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एमएसपी पर सर्वाधिक फसलें खरीदने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि किसानों को जोखिम मुक्त बनाया गया है। किसान हितैषी योजनाओं को धरातल पर लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए विविधिकरण पर जोर दिया गया है। प्रदेश के एक लाख गरीब परिवारों को परिवार पहचान पत्र के आधार पर चिन्हित करके आमदनी बढ़ाई जाएगी, जिससे उनका जीवन स्तर सुधरेगा। उन्होंने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है।
श्री दलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए हितकारी साबित हुई है। उन्होंने कहा कि बाजरा को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है और इससे अन्य प्रदेशों से बाजरा हमारी मंडियों में नहीं आएगा। उन्होंंने कहा कि बाजरा उत्पादन किसानों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बारिश से खराब हुई फसलों को मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वत: ही संज्ञान लेते हुए विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिलाने का निर्णय लिया है। जिन किसानों को फसल का बीमा नहीं करवाया था, उनको भी सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जहां 11 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं। जबकि पड़ोसी प्रांत राजस्थान व पंजाब में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर नौकरियां दी जा रही हैं। नौकरियों में भाई-भतीजावाद, परिवारवाद और क्षेत्रवाद को समाप्त किया है, इससे मेहनत करने वाले युवाओं में नए जोश का संचार हुआ है। इसी कड़ी में हर हित स्टोर स्थापित किए जा रहे हैं, जिसका लाभ युवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों की 2500 पेंशन कर दी गई है, जिसे हर साल बढाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश की खेल नीति देश के अन्य प्रदेशों से सबसे अच्छी है। ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों को सबसे अधिक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसी प्रकार खिलाडिय़ों को खेल विभाग में भी जवज्जो दी जा रही है तो वे अपने अनुभव का लाभ युवा खिलाडिय़ों को दे सकें।
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार हरियाणा एक-हरियाणवी एक तथा सबका साथ-सबका विकास व सबका विश्वास के आधार पर प्रदेश को आगे ले जाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार व किसानों के बीच कोई लड़ाई नहीं है, बल्कि जो लोग चुनाव हारे हुए विपक्षी नेता कुर्सी के लिए किसानों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस डूबता जहाज है और कांगे्रस पार्टी सिमटती जा रही है। उनके पास सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने तो केंद्र सरकार के धारा 370 और 35-ए, सर्जिकल स्ट्राईक और कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन पर सवाल उठाकर बखेड़ा करने का प्रयास किया था, लेकिन जनता के समक्ष सच्चाई सामने आ चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार की नीतियों से हर वर्ग खुश है।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष शंकर धूपड़, महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री मीना परमार, जिला महामंत्री हर्षवर्धन मान व बृजपाल तंवर, रविंद्र मंढोली, पवन मालवास, राजपाल कड़वासरा, जेपी दुबे, राज भेरा, डॉ. रामनिवास पटौदी के अलावा अनेक पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।