लुवास में पशु उत्पादन बढ़ाने के लिए कार्यशाला का आयोजन

लुवास में पशु उत्पादन बढ़ाने के लिए कार्यशाला का आयोजन

रवि पथ न्यूज़ :

लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय में पशु उत्पादन बढ़ाने एवं पशु नस्ल सुधार में भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक एवं हरे-चारे की पूर्ति के लिए साइलेज बनाने पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

इस कार्यशाला का आयोजन लुवास पशुपालन एवं डेयरी विभाग हरियाणा एवं पशुधन विकास बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से किया गया । इसमें प्रदेश के सभी पशु-चिकित्सकों, प्रगतिशील किसानों तथा लुवास के प्राध्यापकों ने भाग लिया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि कृषि एवं पशुपालन तथा कानून मंत्री  जय प्रकाश दलाल, हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड चैयरमैन एवं विधायक पूंडरी  रणधीर सिंह गोलान, पशुपालन विभाग सचिव एवं कमिश्नर  पंकज अग्रवाल, एच.ए.यू कुलपति डॉ. बी.आर. कम्बोज एवं लुवास कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा, हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन  श्रवण कुमार गर्ग, विधायक बरवाला  जोगी राम सिहाग विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ।

कार्यशाला में लगभग 2 हजार प्रतिभागियों ने भाग लिया। लुवास के अनुसंधान निदेशक एवं डीन डेयरी साइंस कॉलेज डॉ. नरेश जिंदल ने सभी विशिष्ट अतिथियों एवं किसानों का कार्यशाला में पधारने पर अभिनन्दन किया । लुवास कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने कार्यशाला के उदेश्य के बारे में बताया कि हम सब का प्रथम लक्ष्य उत्पादन में वृद्धि करके किसानों की आय को बढ़ाना है । उत्पादन वृद्धि के लिए अच्छी नस्ल के पशु होना आवश्यक है इसके लिए लुवास द्वारा भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक का सफल प्रदर्शन किया गया है। किसान भाई विश्वविद्यालय से संपर्क करके साहिवाल नस्ल की गायों के सुधार के लिए इस तकनीक का प्रयोग कर सकते हैं।

एच.ए.यू. कुलपति डॉ. बी.आर. कम्बोज ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए लुवास को बधाई दी । उन्होंने कहा कि आज वैज्ञानिक, पशु-चिकित्सक, पशुपालन एवं किसान भाई एक ही जगह उपस्थित हैं जो पशु उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। पशुपालन विभाग सचिव एवं आयुक्त  पंकज अग्रवाल ने विश्वविद्यालय एवं पशुपालन विभाग के अधिकारीयों से अनुरोध किया कि वे किसान तक नवीनतम वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध करवाएं तथा विश्वविद्यालय किसानों द्वारा पेश आ रही समस्याओं के निदान के लिए शोध करें।

इस अवसर पर हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चैयरमैन  रणधीर सिंह गोलान ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए वचनबद्ध है । विभाग या विश्वविद्यालय जो भी किसान हितेषी योजनायें बनाएंगे उनमें पैसे की कमी नही होने दिए जाएगी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि एवं पशुपालन तथा कानून मंत्री  जय प्रकाश दलाल ने किसानों को विश्वास दिलवाया की उनका विभाग कई ऐसी योजनाओं पर कार्य कर रहा है जिसमें उनकी आय में वृद्धि हो सके । उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने हेतु आगामी 3 साल का रोड मैप बनाने के लिए अधिकारीयों को निर्देश दिए । उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने का सबसे बढ़िया रस्ता पशुपालन के माध्यम से हो कर जाता है। इसके बाद उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर पशुपालकों की समस्याओं को सुना व उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए एवं केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में अवगत करवाया ।

इस दौरान आयोजित सत्रों में गुरु अंगद देव पशु-चिकित्सा विश्वविद्यालय, लुधियाना से डॉ. नरेंद्र एवं डॉ. आनन्द कुमार पाण्डेय विभागाध्यक्ष गायनोकॉलोजी विभाग लुवास ने किसानों को सेक्स्सड वीर्य एवं भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक एवं इसके लाभ की जानकारी दी । डॉ. सज्जन सिहाग विभागाध्यक्ष पशु पोषण विभाग लुवास ने किसानों को हरे चारे की आपूर्ति के लिए साइलेज बनाने की तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा इससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए ।

कार्यशाला में प्रदेश भर से 500 से अधिक प्रगतिशील पशुपालक उपस्थित थे । उन्होंने यहाँ पर अपनी सफलता की कहानी एवं अनुभव रखे जिससे अन्य किसान भी लाभान्वित हो सकें । किसानों ने पशुपालन में आ रही विभिन्न समस्याओं के बारे में चर्चा की उनकी समस्याओं का समाधान विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया ।

कार्यशाला के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं डीन वेटरनरी कॉलेज डॉ. गुलशन नारंग ने हरियाणा पशुपालन विभाग, पशुधन विकास बोर्ड, हरियाणा गो सेवा आयोग एवं किसानों को धन्यवाद अर्पित किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज की कार्यशाला पशुपालन उत्पादन में वृद्धि तथा नस्ल सुधार के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।