देश की आजादी में अन्नदाता की भूमिका थी अहम: अभय चौटाला

देश की आजादी में अन्नदाता की भूमिका थी अहम: अभय चौटाल

दिल्ली केंद्र सरकार की नहीं देश के अन्नदाता की है: अभय

उचाना, 1 अप्रैल  रवि पथ :

इनेलो प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने कहा कि किसान आंदोलन मजबूत हो इसके लिए आप लोगों सेे मिलने आया हूं। आंदोलन को चलते हुए चार महीने से अधिक का समय हो चुका है। किसान आंदोलन पर सरकार ने तरह-तरह के आरोप लगाए। कभी किसानों को खालिस्तानी, अलगाववादी कहा तो कभी ये आंदोलन तो केवल सिखों का है। सरकार में बैठे नेता जैसे-जैसे आरोप लगाते रहे वैसे ही आंदोलन कमजोर होने की बजाए बढ़ता गया। आज आंदोलन ने इतना बड़ा रूप ले लिया है कि ये आंदोलन आज हिंदुस्तान का नहीं बल्कि पूरी दुनिया का हो गया है। इनेलो नेता डूमरखा कलां गांव में ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे, उन्होंने यहां डूमरखां खुर्द, करसिंधु सहित 10 गांवों में ग्रामीण सभाओं को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने कुछ फैसले लिए है। इसमें 10 अप्रैल को केएमपी बंद करेंगे। मई माह में करोड़ों लोग दिल्ली की तरफ कूच करेंगे, फिर क्या आरोप लगाएंगे। दिल्ली केंद्र सरकार की थोड़ी है, दिल्ली तो हमारी है। दिल्ली, देश को आजाद कराने सबसे बड़ी भूमिका अन्नदाता की थी। 80 फीसदी जनता जो गांव में रहती थी, उन लोगों ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। वो आजादी की लड़ाई नहीं लड़ते तो देश आजाद नहीं होता, फिर तो देश गुलाम रहता। आंदोलन में कोई कमी नहीं है इसलिए वो गांव-गांव जा रहे हंै। उन्होंने कहा कि युवा खेतों में काम करें और बुजुर्गों को धरनों पर भेजें ताकि वो आंदोलन को और मजबूत करें।
अभय चौटाला ने कहा कि डेढ़ साल सरकार को बने हो चुके हैं। जो वायदे जनता से किए थे उन वायदों को सरकार में बैठे लोग पूरा करेंगे। वायदे पूरा करना छोड़ कर लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं। पुलिस सुरक्षा में जाकर लोगों को भडक़ाने में लगे हैं। ऐसे लोगों को सबक मिले इसलिए इस आंदोलन को मजबूत करें। उचाना की तरह जिले के अन्य गांवों के अलावा भिवानी जिले के गांवों में जाएंगे। किसान आंदोलन कैसे मजबूत हो इसके लिए वो गांव-गांव जाएंगे। आज कोई पंच पद से इस्तीफा नहीं दे सकता लेकिन किसानों के लिए विधायक पद से इस्तीफा देकर आज किसानों के बीच पहुंचा हूं।


उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सत्ता में बैठे है जिन्होंने बड़े-बड़े वायदे किए थे। बुजुर्गों को 5100 रूपये पेंशन, किसानों के कर्जें माफ करने, बेरोजगारी भत्ता 11 हजार रूपये देने सहित अनेकों वायदे किए थे। ये लोग कहते थे कि भाजपा को जमुना पार कराएंगे। भाजपा को हत्यारों को सरकार बताते थे। जो वोट लोगों ने दिया उस वोट की इज्जत रखते हुए भाजपा को सत्ता से बाहर करना चाहिए था। भाजपा को सत्ता से बाहर करने की बजाए भाजपा को मजबूत करने में लग गए। इस मौके पर रामफल कुंडू, बलराज नगूरां, सत्ता डूमरखां, कर्ण सिंह अलेवा, राजा डूमरखां, जीवन छापड़ा, वकील करसिंधु, चांदी करसिंधु, वीरभान झील, महाबीर दरोली, सुमित्रा देवी, अनिरुद्ध खटकड़ सहित अन्य इनेलो नेता मौजूद रहे।