भारत देश की आजादी के लिए भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु हंसते-हंसते फांसी पर चढ़ गई- बजरंग गर्ग

भारत देश की आजादी के लिए भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु हंसते-हंसते फांसी पर चढ़ गई- बजरंग गर्ग

आज हम आजाद भारत में भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु आदि देशभक्तों के कारण सुख की सांस ले रहे हैं- बजरंग गर्ग

हम सबको आपसी भेदभाव भुलाकर एकजुट होकर देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए- बजरंग गर्ग

हिसार रवि पथ –

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा हिसार कांग्रेस भवन में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को आज श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता व जिला कन्वीनर बजरंग गर्ग ने श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज के दिन 23 मार्च 1931 को अंग्रेजी हुकूमत ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को फांसी की सजा दी थी जबकि इन तीनों वीरों को अंग्रेजी हुकूमत द्वारा 24 मार्च 1931 को फांसी देने का हुक्म सुनाया था, जिसका भारत देश के भारी विरोध को देखते हुए अंग्रेजी हुकूमत ने एक दिन पहले देश के तीनों वीरों को 23 मार्च 1931 को फांसी पर लटका दिया गया था। जबकि शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु हंसते-हंसते देश के लिए फांसी पर चढ़ गए। बजरंग गर्ग ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने जेल में 116 दिन तक उपवास कर अपने सभी काम नियमित रूप से करते थे।  गर्ग ने कहा कि आज हम आजाद भारत में जो सुख की सांस ले रहे हैं वह शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु आदि जैसे अन्य को देश भक्तों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर इस भारत देश को आजाद करवाया। हम सबको एकजुट होकर भारत देश के विकास में अपना पूरा योगदान देते हुए आपसी भाईचारा बनाए रखना चाहिए। यही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हरियाणा लींगल डिपार्टमेंट के चेयरमैन लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि भगत सिंह भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी थे। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के साथ मिलकर उन्हें भारत देश को आजाद कराने के लिए अभूतपूर्व साहस के साथ ब्रिटिश सरकार का मुकाबला किया। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 में हुआ। भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु ने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपनी जान की कुर्बानी दे दी। जिसे देश हमेशा याद रखेगा।